तीन साल तक वेतन बिल्कुल नहीं मिला. परिवार की आर्थिक हालत खराब होती गई. खर्चे बढ़े तो कर्ज़ लेना पड़ा. बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आई. घर में तनाव बढ़ता गया. एक शिक्षक तनाव में अपनी जान गंवा बैठे. तभी सरकार ने कदम तेज किया. CM ने पूरी बात धैर्य से सुनी. प्रभावित शिक्षकों को भरोसा दिया. मृत शिक्षक का परिवार भी मौजूद था. उनके छोटे बच्चों की हालत देखकर सब भावुक हुए. CM ने हर संभव मदद का वादा किया. कहा अब किसी को ऐसी स्थिति नहीं झेलनी पड़ेगी. यह निर्णय तुरंत लागू कराया जाएगा.
सरकार ने आधिकारिक तौर पर क्या फैसला लिया है?
36 महीनों की पूरी बकाया राशि जारी होगी. वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है. रकम कई चरणों में दी जाएगी. सबसे पहले उस परिवार को राहत मिलेगी. बाकी जरूरतमंद शिक्षक भी प्राथमिकता में रहेंगे. यह कदम शिक्षा विभाग के लिए बड़ा सुधार है. अब सभी को राहत मिलने लगी है.
बिना वेतन के शिक्षकों की जिंदगी कैसे बदल गई थी?
घर चलाना मुश्किल होने लगा था. दवाइयों और फीस के पैसे जुटाना भारी हुआ. बैंक और उधार दोनों से दबाव बढ़ा. मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा. लोग अनिश्चितता में जी रहे थे. पिछली सरकार ने समस्या अनदेखी कर दी. इसलिए पीड़ा बहुत लंबी हो गई.
CM मान ने शिक्षकों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा शिक्षक समाज की नींव होते हैं. उनकी उपेक्षा सरकार की असफलता है. उनका मानना है वादे नहीं, समाधान जरूरी हैं. कड़ी टिप्पणी करते हुए अन्याय को अस्वीकार्य बताया. कहा अब किसी परिवार को नुकसान नहीं होगा. आम आदमी पार्टी ज़मीन पर काम करेगी. सम्मान के साथ सुरक्षा भी दी जाएगी.
शिक्षकों और संगठनों की प्रतिक्रिया क्या रही?
बैठक में मौजूद शिक्षक भावुक हो गए. सभी ने CM का आभार जताया. वर्षों बाद उन्हें सुना गया महसूस हुआ. शिक्षक संगठनों ने फैसले का स्वागत किया. इसे संवेदनशील और साहसिक कदम बताया. परिवारों में राहत और खुशी लौटी. शिक्षा समुदाय में भरोसा फिर बढ़ा.
राज्य की शिक्षा प्रणाली पर इसका क्या असर होगा?
आर्थिक सुरक्षा से शिक्षक अपने काम पर ध्यान देंगे. पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी. स्टाफ के मन में विश्वास बढ़ेगा. सरकार और शिक्षकों का रिश्ता मजबूत होगा. यह 93 परिवारों के लिए नई शुरुआत है. पूरा पंजाब इसका सकारात्मक असर देखेगा. शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी.

























