साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम ने ODI सीरीज 2-1 से जीत ली। इस सीरीज में विराट कोहली और रोहित शर्मा का अहम रोल रहा। किंग कोहली ने 151 की औसत से 302 रन बनाए, जिसमें दो सेंचुरी और एक हाफ सेंचुरी शामिल थी, जबकि रोहित शर्मा के बल्ले से 146 रन निकले। उन्होंने ODI सीरीज में दो हाफ सेंचुरी लगाईं।
अब दोनों लेजेंड्स नए साल में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज खेलते नजर आएंगे। हालांकि, इससे पहले दोनों लेजेंड्स विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपनी-अपनी घरेलू टीमों के लिए खेलने वाले हैं, जिसकी ऑफिशियल पुष्टि हो गई है।
BCCI ने रोहित-कोहली को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर नहीं किया
दरअसल, पिछले कुछ महीनों से विराट कोहली और रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर काफी चर्चा हो रही थी, लेकिन दोनों लेजेंड्स ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI सीरीज में अपने शानदार प्रदर्शन से इन बातों पर विराम लगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ से पहले ऐसी खबरें थीं कि अगर रोहित-कोहली को ODI वर्ल्ड कप 2027 में खेलना है, तो उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना होगा। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत की हार के बाद BCCI ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलना ज़रूरी कर दिया था।
हालांकि, रेवस्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए मजबूर नहीं किया है। BCCI के एक अधिकारी से पूछा गया कि क्या बोर्ड ने दोनों खिलाड़ियों को विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के लिए कहा है, तो उन्होंने कहा कि यह फैसला उन दोनों ने लिया है।
BCCI सिलेक्शन कमेटी के चीफ अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर दोनों ही खिलाड़ियों से कह रहे हैं कि जब भी समय मिले, वे घरेलू क्रिकेट में ज़्यादा से ज़्यादा खेलें। माना जा रहा है कि यही वजह है कि रोहित-कोहली ने रणजी ट्रॉफी में भी वापसी की। हालांकि, इंग्लैंड दौरे से पहले दोनों ने मई में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।

























