न्यूजीलैंड की पारी बेहद संभलकर शुरू हुई थी। पहले पांच ओवर में रन बहुत धीमे आए। डेवोन कॉन्वे और हेनरी निकोल्स क्रीज पर टिके हुए थे। तभी छठे ओवर में हर्षित राणा गेंदबाजी करने आए। दूसरी ही गेंद पर कॉन्वे बोल्ड हो गए। स्टंप हवा में उड़े और बल्लेबाज हैरान रह गया। ऐसा लगा कि यह महज एक गेंद नहीं थी। यह किसी सोची समझी चाल का नतीजा थी।
क्यों विकेट के बाद गिल की तरफ इशारा किया गया?
विकेट गिरते ही हर्षित राणा खुशी से उछल पड़े। उन्होंने सीधे कप्तान शुभमन गिल की ओर इशारा किया। यह इशारा कैमरों में साफ कैद हुआ। इससे लगा कि दोनों के बीच ओवर से पहले कोई बात हुई थी। शायद गेंद की लाइन या लेंथ तय की गई थी। जब वही प्लान काम कर गया तो राणा ने उसका श्रेय कप्तान को दिया। यही वजह है कि यह इशारा चर्चा का विषय बन गया।
क्या कॉन्वे इस सीरीज में राणा से जूझ रहे हैं?
डेवोन कॉन्वे इस सीरीज में हर्षित राणा के सामने कमजोर नजर आए हैं। पहले मैच में भी राणा ने उन्हें आउट किया था। दोनों मुकाबलों में कॉन्वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए। अब तक उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 18 रन बनाए हैं। एक ओपनर के लिए यह बेहद खराब आंकड़ा है। राणा की तेज और सटीक गेंदबाजी ने कॉन्वे की लय तोड़ दी है।
क्या इस एक विकेट से न्यूजीलैंड पर दबाव बना?
कॉन्वे के आउट होते ही न्यूजीलैंड की शुरुआत हिल गई। जो टीम धीमी लेकिन सुरक्षित खेल रही थी, वह अचानक दबाव में आ गई। भारत को पहली सफलता मिल चुकी थी। फील्डिंग और गेंदबाजी में भी जोश दिखने लगा। इस एक विकेट ने पूरे मैच की दिशा बदल दी। यह साबित हुआ कि शुरुआती ब्रेकथ्रू कितना अहम होता है।
केएल राहुल का जश्न क्यों बना सुर्खी?
केएल राहुल ने इस मैच में शानदार शतक लगाया। उन्होंने 92 गेंदों में 112 रन बनाए। जैसे ही उन्होंने अपना शतक पूरा किया, उन्होंने हेलमेट उतारा और बल्ला उठाया। इसके बाद उन्होंने सीटी बजाई। यह जश्न सबके लिए नया था। सोशल मीडिया पर लोग इसके मायने पूछने लगे। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया था।
क्या यह सीटी किसी खास के लिए थी?
राहुल की यह सीटी उनकी नन्ही बेटी के लिए थी। मार्च 2025 में राहुल और अथिया शेट्टी के घर बेटी का जन्म हुआ था। उसका नाम एवाराह रखा गया है। शतक के बाद राहुल को अपनी बेटी याद आई। उसी खुशी में उन्होंने यह अनोखा जश्न मनाया। यह पल भावुक भी था और खास भी।
क्या यह मैच भारत के लिए यादगार बन गया?
हर्षित राणा की रणनीतिक गेंद और राहुल का भावुक शतक इस मैच की पहचान बन गए। एक तरफ गेंद से गेम बदला गया। दूसरी तरफ बल्ले से दिल जीता गया। कप्तान गिल की सोच और राणा की गेंदबाजी ने भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया। यह मुकाबला सिर्फ स्कोर का नहीं रहा। यह दिमाग, जज्बे और भावना का खेल बन गया।

























