अमेरिकी सीनेटरों ने कहा कि भारत ने दालों पर 30 फीसदी टैरिफ लगाकर अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचाया है। यह शुल्क अक्टूबर में लगाया गया और नवंबर से लागू हुआ। इससे निर्यात प्रभावित हुआ। मामला अब व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है।
क्या ट्रंप से सीधे हस्तक्षेप की मांग हुई?
दो अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखा। उनसे अपील की गई कि वे प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे पर बात करें। सीनेटरों का कहना है कि यह टैरिफ अनुचित है। इससे किसानों की आय पर असर पड़ रहा है। मोंटाना और नॉर्थ डकोटा दाल उत्पादन के बड़े केंद्र हैं। मटर, चना और लेंटिल्स यहां बड़े पैमाने पर उगते हैं। इन राज्यों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। इसलिए सीनेटर मुखर हुए हैं।
क्या भारत सबसे बड़ा दाल बाजार है?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उपभोक्ता है। वैश्विक खपत का करीब 27 फीसदी हिस्सा भारत में है। भारतीय बाजार अमेरिकी किसानों के लिए अहम है। लेकिन टैरिफ के कारण रास्ता मुश्किल हो गया है।
क्या अमेरिकी दालों को नुकसान हो रहा?
सीनेटरों ने कहा कि अमेरिकी दालें उच्च गुणवत्ता की हैं। लेकिन शुल्क के कारण वे महंगी हो जाती हैं। इससे प्रतिस्पर्धा घटती है। उन्होंने इसे मुक्त व्यापार के खिलाफ बताया। सीनेटरों को उम्मीद है कि उच्च स्तर की बातचीत से समाधान निकलेगा। भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदार हैं। ऐसे मुद्दों का हल बातचीत से ही संभव है।

























