पंजाब सरकार ने गुरु रविदास जी की सोच को सहेजने के लिए बड़ा फैसला लिया है।जालंधर जिले में डेरा बल्लां के पास बाणी अध्ययन केंद्र बनाया जाएगा।यह केंद्र गुरु जी की बाणी और दर्शन को समर्पित होगा।सरकार चाहती है कि युवा अपने इतिहास को जानें।यह केंद्र केवल इमारत नहीं होगा।यह विचारों का केंद्र बनेगा।इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
कितनी जमीन दर्ज की गई है?
इस अध्ययन केंद्र के लिए 9 एकड़ से अधिक जमीन रजिस्टर की गई है।पूरी जमीन केंद्र के नाम दर्ज की गई है।इस परियोजना पर साढ़े 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।सरकार ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी गई है।यह निवेश भविष्य के लिए है।युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रजिस्ट्रियां कहां कराई गईं?
सरकार ने इस उद्देश्य के लिए तीन अलग अलग रजिस्ट्रियां करवाई हैं।पहली रजिस्ट्री गांव नौगजा में हुई।दूसरी और तीसरी रजिस्ट्री गांव फरीदपुर में कराई गई।कुल 76 कनाल 19 मरले जमीन दर्ज की गई है।सारी जमीन एक ही उद्देश्य के लिए ली गई है।कुल लागत 7 करोड़ रुपये से अधिक है।प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है।
सरकार का मकसद क्या है?
पंजाब सरकार का कहना है कि यह सिर्फ योजना नहीं है।यह सामाजिक बदलाव की पहल है।गुरु रविदास जी ने बराबरी और इंसाफ की बात कही थी।वह संदेश आज भी उतना ही जरूरी है।सरकार उसी सोच को आगे बढ़ाना चाहती है।यह केंद्र उसी दिशा में कदम है।सामाजिक न्याय इसका मूल उद्देश्य है।
युवाओं को क्या फायदा मिलेगा?
यह अध्ययन केंद्र युवाओं को नई सोच देगा।वे अपने इतिहास को सही नजर से समझ सकेंगे।सामाजिक अंतर को पहचानने में मदद मिलेगी।बराबरी की भावना मजबूत होगी।युवा अपने अधिकारों को समझ पाएंगे।यह केंद्र प्रेरणा बनेगा।समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
केंद्र में क्या काम होगा?
इस केंद्र में गुरु रविदास जी की बाणी पर शोध किया जाएगा।सेमिनार आयोजित होंगे।किताबें और प्रकाशन तैयार किए जाएंगे।समुदाय से जुड़े कार्यक्रम होंगे।छात्रों को सीखने का अवसर मिलेगा।विद्वानों के लिए मंच बनेगा।बाणी को सहेजकर आगे बढ़ाया जाएगा।
भगवंत मान सरकार कितनी प्रतिबद्ध है?
सरकार का कहना है कि यह काम यहीं नहीं रुकेगा।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह पहल आगे बढ़ेगी।गुरु रविदास जी की सोच को देश और दुनिया तक पहुंचाया जाएगा।पंजाब सरकार सामाजिक न्याय से समझौता नहीं करेगी।यह केंद्र उस प्रतिबद्धता का उदाहरण है।युवाओं का भविष्य प्राथमिकता है।यह फैसला लंबे समय तक याद रखा जाएगा।























