आम आदमी पार्टी पंजाब ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि Narendra Modi और Donald Trump के बीच एक गुप्त व्यापारिक सौदा हुआ है। यह सौदा देश से छिपाया जा रहा है। किसानों के हितों को नजरअंदाज किया गया है। आप ने सवाल उठाया कि अगर सौदा देश के लिए अच्छा है तो उसे छुपाने की जरूरत क्यों है। इस मुद्दे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
आम आदमी पार्टी ने भाजपा को क्यों घेरा?
आप का आरोप है कि भाजपा सरकार इस अहम मसले पर पारदर्शिता नहीं बरत रही। इतने बड़े फैसले की जानकारी संसद में नहीं दी गई। सौदे का जिक्र अमेरिकी राष्ट्रपति के सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आ रहा है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठे हैं। आप ने कहा कि जनता को सच जानने का अधिकार है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने क्या आरोप लगाए?
आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता Kuldeep Singh Dhaliwal ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि यह सौदा किसानों को बर्बाद करने की सीधी साजिश है। 80 करोड़ से ज्यादा लोगों की आजीविका खतरे में डाली जा रही है। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री इस पर संसद में बयान क्यों नहीं दे रहे। धालीवाल ने कहा कि देश का भविष्य दांव पर है।
किसानों के लिए यह सौदा खतरनाक क्यों बताया जा रहा है?
आप का दावा है कि इस समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में जीरो टैक्स पर लाया जा सकता है। इससे सस्ते विदेशी उत्पाद भारतीय किसानों को बाजार से बाहर कर देंगे। गेहूं, मक्का, सोयाबीन और डेयरी सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा। किसान प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। पार्टी ने इसे व्यापार नहीं बल्कि आत्मसमर्पण बताया।
पंजाब के किसानों को लेकर क्या चेतावनी दी गई?
धालीवाल ने पंजाब की भाजपा लीडरशिप को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी कृषि उत्पाद स्थानीय मंडियों को तबाह करेंगे तब पंजाब के किसान कहां जाएंगे। किसान पहले ही कर्ज और लागत की मार झेल रहे हैं। नई नीति हालात और खराब करेगी। आप ने कहा कि पंजाब की खेती सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। सरकार की चुप्पी चिंता बढ़ा रही है।
महंगाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से खतरा कैसे जुड़ा है?
आप ने सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़े खतरे भी गिनाए। पार्टी ने कहा कि अमेरिकी खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले रसायन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इसके अलावा दावा किया गया कि भारत को रूस से सस्ता तेल छोड़कर अमेरिका से महंगा तेल खरीदना पड़ सकता है। इससे परिवहन महंगा होगा। रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ेंगी। बोझ सीधे आम लोगों पर पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी की आगे की रणनीति क्या है?
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री तुरंत इस समझौते की सभी शर्तें लोकसभा में रखें। पार्टी ने ऐलान किया है कि इस किसान विरोधी सौदे के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक आंदोलन किया जाएगा। आप का कहना है कि जब तक यह सौदा रद्द नहीं होता संघर्ष जारी रहेगा। किसानों के हितों की लड़ाई लड़ी जाएगी।























