बॉलीवुड अभिनेता Arjun Kapoor अपनी मां से बेहद जुड़ाव रखते थे। मां की जन्मतिथि पर उन्होंने इंस्टाग्राम पर दिल छू लेने वाला पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने जीवन की कठिनाइयों का जिक्र किया। लिखा कि जिंदगी हमेशा कठोर रही। लेकिन वे हर बार उठ खड़े हुए। मां की सीख ने उन्हें ताकत दी। यह शब्द फैंस को भावुक कर गए। पोस्ट में गहरा दर्द महसूस हुआ।
“आपसे जल्द ही मिलूंगा” ने चिंता क्यों बढ़ाई?
पोस्ट की एक पंक्ति ने फैंस को बेचैन कर दिया। “आपसे जल्द ही मिलूंगा” जैसे शब्दों ने सवाल खड़े कर दिए। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने चिंता जताई। कई लोगों ने इसे मानसिक दबाव से जोड़ा। फैंस ने अर्जुन की सेहत के लिए दुआ की। यही लाइन चर्चा का केंद्र बन गई। आशंका और भावनाएं एक साथ दिखीं।
SSR की याद कैसे जुड़ गई?
अर्जुन की पोस्ट को कई यूजर्स ने Sushant Singh Rajput की आख़िरी इंस्टाग्राम पोस्ट से जोड़ा। सुशांत ने भी मां को याद करते हुए भावुक शब्द लिखे थे। वह पोस्ट 3 जून 2020 की थी। कुछ ही दिनों बाद उनका निधन हो गया। इसी वजह से तुलना ने डर बढ़ा दिया। सोशल मीडिया पर पुरानी यादें ताजा हो गईं।
मां मोना कपूर से कितना गहरा रिश्ता था?
अर्जुन अपनी मां Mona Kapoor के बेहद करीब थे। वे अक्सर मां की बात सार्वजनिक रूप से करते रहे। मोना कपूर का निधन 48 साल की उम्र में हुआ। कैंसर और हाईपरटेंशन से लंबी लड़ाई रही। मां के जाने से अर्जुन टूट गए थे। यह दर्द आज भी उनकी पोस्ट में झलकता है। फैंस उस जुड़ाव को महसूस करते हैं।
क्या निजी जिंदगी ने भी अर्जुन को तोड़ा?
स्टार किड होने के बावजूद अर्जुन का सफर आसान नहीं रहा। बचपन में वजन की समस्या रही। माता-पिता के बीच तनाव था। 1996 का तलाक उन्हें प्रभावित करता रहा। मां की बीमारी ने मानसिक दबाव बढ़ाया। बाद में रिश्तों को लेकर भी चर्चाएं रहीं। Malaika Arora से अलगाव की खबरों ने भी उन्हें परेशान किया। ये सब बातें फैंस को सोचने पर मजबूर करती हैं।
फिल्मी करियर की असफलताओं ने कितना दबाव डाला?
अर्जुन कपूर के करियर में सफलताएं सीमित रहीं। कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं। सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। हालिया फिल्मों से भी निराशा मिली। आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर साफ तस्वीर नहीं है। करियर की अनिश्चितता मानसिक दबाव बढ़ाती है। फैंस इस पहलू को भी जोड़कर देख रहे हैं।
क्या यह पोस्ट मजबूती का संकेत भी हो सकती है?
कुछ फैंस मानते हैं कि यह पोस्ट कमजोरी नहीं दिखाती। इसमें संघर्ष के साथ हौसला भी झलकता है। अर्जुन ने लिखा कि मां ने उन्हें गरिमा के साथ मुश्किलों का सामना करना सिखाया। यह पंक्तियां ताकत का संकेत देती हैं। दर्द के बावजूद आगे बढ़ने की बात है। फिर भी चिंता बनी हुई है। सभी उनकी भलाई की दुआ कर रहे हैं।























