राजपाल यादव से जुड़ा यह मामला साल 2010 का है। उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली की एक कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। इसके बाद आर्थिक संकट गहराता चला गया। कर्ज चुकाने के लिए जारी किए गए चेक बाउंस हो गए। कंपनी ने चेक बाउंस के तहत केस दर्ज कराया। साल 2018 में अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया। उन्हें छह महीने की सजा सुनाई गई। ब्याज और जुर्माने के साथ रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
तिहाड़ जेल तक मामला क्यों पहुंचा?
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को कई बार राहत दी थी। लेकिन बार-बार भुगतान में देरी के चलते फरवरी 2026 में सजा लागू कर दी गई। इसके बाद उन्हें Tihar Jail भेज दिया गया। आत्मसमर्पण से पहले राजपाल यादव भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं और कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। फिल्म इंडस्ट्री में भी इसे लेकर चिंता बढ़ गई।
तेज प्रताप यादव ने क्या कहा?
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष Tej Pratap Yadav ने राजपाल यादव की स्थिति पर संवेदना जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस मुश्किल वक्त में जेजेडी परिवार राजपाल यादव के परिवार के साथ खड़ा है। मानवीय संवेदना के तहत उन्होंने 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह सहायता परिवार की तात्कालिक परेशानियों को कम करने के लिए है।
फिल्म इंडस्ट्री से कौन-कौन आगे आया?
फिल्म जगत से भी राजपाल यादव को समर्थन मिल रहा है। अभिनेता Sonu Sood ने कहा कि वह राजपाल यादव को अपनी अगली फिल्म में कास्ट करेंगे। उन्होंने साइनिंग अमाउंट देकर मदद करने की बात कही। साथ ही अन्य प्रोड्यूसर्स से भी आगे आने की अपील की। अभिनेता Gurmeet Choudhary ने भी सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में इंडस्ट्री को एकजुट होना चाहिए।
राजपाल यादव का करियर इस वक्त कहां खड़ा है?
कानूनी मुश्किलों के बावजूद राजपाल यादव पेशेवर रूप से सक्रिय बने हुए हैं। वह हाल ही में वरुण धवन की फिल्म ‘बेबी जॉन’ में नजर आए थे। इसके अलावा अक्षय कुमार की फिल्मों ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ में भी उनकी मौजूदगी तय मानी जा रही है। हालांकि, चल रहे कानूनी पचड़े ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया है। इसके बावजूद वह काम जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
अब राजपाल यादव के मामले में आगे की स्थिति कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इस बीच राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन उनके परिवार के लिए राहत लेकर आया है। आम लोगों में भी उनके प्रति सहानुभूति देखी जा रही है। यह मामला दिखाता है कि मुश्किल समय में साथ खड़ा होना कितना अहम होता है। आने वाले दिनों में अदालत के फैसले पर सबकी नजर टिकी रहेगी।























