नई दिल्ली: वैलेंटाइन वीक शुरू होते ही माहौल में अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। हर दिन का अपना महत्व होता है, लेकिन प्रॉमिस डे को दिलों को जोड़ने वाला दिन माना जाता है। यह सिर्फ एक औपचारिक दिन नहीं है। यह रिश्तों में भरोसा और वफादारी को मजबूत करने का मौका है। इस दिन किए गए वादे दो लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को गहरा कर देते हैं।
साल 2026 में प्रॉमिस डे 11 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। यह वैलेंटाइन वीक का पांचवां दिन होता है। टेडी डे के बाद और हग डे से पहले आने वाला यह दिन खास मायने रखता है। इस मौके पर कपल्स एक-दूसरे से हर हाल में साथ निभाने का वादा करते हैं। सम्मान और समझदारी का भरोसा देते हैं। रिश्ते को नई मजबूती देने की कोशिश करते हैं।
प्रॉमिस डे का असली अर्थ क्या है?
यह दिन केवल रोमांटिक भावनाओं तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है सच्चाई और लंबे समय तक निभाने की प्रतिबद्धता। लोग इस दिन ईमानदारी और भरोसे का वादा करते हैं। कहते हैं कि मुश्किल समय में भी साथ खड़े रहेंगे। छोटे-छोटे वादे भी बड़ा असर डालते हैं। यह दिन रिश्तों में पारदर्शिता और भावनात्मक सुरक्षा को बढ़ाता है।
क्या यह दिन सिर्फ प्रेमी जोड़ों के लिए है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि प्रॉमिस डे केवल कपल्स के लिए है। लेकिन ऐसा नहीं है। इस दिन दोस्त, भाई-बहन और परिवार के सदस्य भी एक-दूसरे से सच्चे वादे कर सकते हैं। माता-पिता बच्चों का साथ देने का वादा कर सकते हैं। दोस्त जीवनभर साथ निभाने की बात कह सकते हैं। इस तरह यह दिन हर रिश्ते को मजबूत करने का अवसर बन जाता है। प्रॉमिस डे किसी पुराने धार्मिक त्योहार से जुड़ा नहीं है। यह आधुनिक समय में वैलेंटाइन वीक का हिस्सा बनकर लोकप्रिय हुआ है। युवाओं के बीच इसकी अहमियत लगातार बढ़ी है। आज यह दिन भरोसे और साथ निभाने की भावना का प्रतीक बन गया है।
रिश्तों में वादे क्यों जरूरी हैं?
रिश्ते केवल प्यार से नहीं चलते। भरोसा और जिम्मेदारी भी जरूरी होती है। प्रॉमिस डे लोगों को अपने मन की बात कहने का मौका देता है। यह याद दिलाता है कि छोटे-छोटे वादे भी रिश्तों को मजबूत बना सकते हैं। चाहे वह एक संदेश हो या आमने-सामने किया गया वादा। इस दिन कही गई बातें लंबे समय तक दिल में रहती हैं। इसलिए प्रॉमिस डे को प्यार और विश्वास का खास दिन माना जाता है।























