पंजाब पुलिस ने तीन दिन लगातार छापेमारी की। 8,278 जगहों पर दबिश दी गई। यह कार्रवाई वांछित अपराधियों के ठिकानों पर हुई। कुल 7,498 लोगों को राउंडअप किया गया। इनमें से 3,260 को गिरफ्तार किया गया। 135 घोषित अपराधी भी पकड़े गए। पुलिस इसे बड़ी सफलता बता रही है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा अभियान जारी रहेगा। लक्ष्य है पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाना। 2,000 से ज्यादा टीमें बनाई गईं। करीब 12,000 पुलिसकर्मी मैदान में उतरे। वरिष्ठ अधिकारी खुद जिलों में पहुंचे। यह कार्रवाई सख्त संदेश के तौर पर देखी जा रही है।
क्या बरामदगी ने खोली परतें?
स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने आंकड़े साझा किए। 47 हथियार बरामद किए गए। 4.8 किलो हेरोइन मिली। 3.6 किलो अफीम भी जब्त हुई। 42,797 नशीली गोलियां बरामद की गईं। 68 किलो पोस्त और 30 लाख रुपये ड्रग मनी भी मिली। यह बरामदगी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
क्या सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, रोकथाम भी?
पुलिस ने 1,450 लोगों को एहतियातन गिरफ्तार किया। 2,788 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है यह निवारक कदम हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। सत्यापन के बाद ही रिहाई दी गई। अभियान को व्यापक बताया गया।
क्या जनता की मदद भी जरूरी?
डीजीपी ने लोगों से सहयोग की अपील की। एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 जारी की गई। यहां गुमनाम सूचना दी जा सकती है। पुलिस ने पहचान गोपनीय रखने का भरोसा दिया। अपराध से जुड़ी जानकारी साझा करने की अपील की गई। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान भी जारी है। 347वें दिन 164 तस्कर पकड़े गए। 11.9 किलो हेरोइन जब्त हुई। 344 नशीली गोलियां बरामद हुईं। 4,700 रुपये ड्रग मनी मिली। कुल गिरफ्तारियां 49,129 तक पहुंच गईं। पुलिस ने 14 लोगों को नशामुक्ति इलाज के लिए तैयार किया। उन्हें पुनर्वास केंद्र भेजा गया। पुलिस कहती है रणनीति दोहरी है। एक तरफ सख्त कार्रवाई। दूसरी तरफ सुधार का मौका। अभियान जारी रहेगा। लक्ष्य सुरक्षित और अपराध मुक्त पंजाब है।
























