कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आ रहे हैं। अमेरिका में एक चौंकाने वाला केस सामने आया है। एक व्यक्ति ने AI की मदद से फर्जी गाने बनाकर बड़ा फ्रॉड किया। इस घटना ने म्यूजिक इंडस्ट्री को झकझोर दिया है। अब इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हजारों फर्जी गाने बनाए
नॉर्थ कैरोलिना के रहने वाले माइकल स्मिथ ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर हजारों म्यूजिक ट्रैक तैयार किए। इसके बाद उसने ऑटोमेटेड बॉट्स के जरिए इन गानों को अरबों बार स्ट्रीम कराया। इस तरह उसने सिस्टम को धोखा दिया। यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक चलता रहा। इससे उसे भारी कमाई हुई।
रोजाना लाखों फर्जी स्ट्रीम
जांच में सामने आया कि 2017 से 2024 के बीच रोज करीब 6.6 लाख फर्जी स्ट्रीम तैयार की गईं। इस तरीके से वह हर साल लगभग 1 मिलियन डॉलर कमाता रहा। कुल मिलाकर उसने 8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की। यह पैसा रॉयल्टी के रूप में हासिल किया गया। यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
गिरफ्तारी और मामला दर्ज
सितंबर 2024 में माइकल स्मिथ को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके खिलाफ स्ट्रीमिंग फ्रॉड के कई आरोप लगाए गए। यह मामला अपनी तरह का पहला बड़ा केस माना जा रहा है। इससे AI के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ गई है। एजेंसियां अब ऐसे मामलों पर नजर रख रही हैं।
अदालत में जुर्म कबूल
52 साल के स्मिथ ने अमेरिकी अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने वायर फ्रॉड की साजिश में शामिल होने की बात मानी। अधिकारियों ने कहा कि उसने फर्जी गानों से असली कलाकारों का नुकसान किया। लाखों डॉलर की रॉयल्टी हड़प ली गई। अब उसे सजा का सामना करना पड़ेगा।
सजा और जुर्माने का खतरा
प्ली एग्रीमेंट के तहत स्मिथ को 29 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी। उसे पांच साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही 8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि जब्त की जा सकती है। यह कार्रवाई उसके अपराध की गंभीरता को दिखाती है। मामले पर सबकी नजर बनी हुई है।
AI से इंडस्ट्री के सामने चुनौती
AI से तैयार गानों ने म्यूजिक इंडस्ट्री के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। फर्जी गानों और डीपफेक तकनीक से कलाकारों की पहचान का गलत इस्तेमाल हो रहा है। हाल ही में सोनी म्यूजिक ने हजारों फर्जी गानों को हटाने की मांग की थी। बड़े कलाकार भी इसका शिकार बन रहे हैं।

























