आगरा शहर में अचानक कई वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो ने पूरे इलाके को हिला दिया। लोग हैरान थे कि आखिर ये क्या है। पुलिस को भी तुरंत जानकारी मिली। मामला गंभीर लगा तो जांच शुरू हुई। वीडियो अश्लील थे और नाबालिग जुड़े थे। इसी वजह से मामला और संवेदनशील बन गया।
क्या सच में नाबालिग थे शामिल?
जांच में साफ हुआ कि सभी बच्चे नाबालिग थे। उनकी उम्र 14 से 17 साल के बीच थी। कुल पांच बच्चे इस मामले में सामने आए। इनमें तीन लड़के और दो लड़कियां थीं। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। दो लड़कों को पकड़ लिया गया। उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया।
क्या आपस में पहले से जानते थे?
जांच में यह भी सामने आया कि सभी बच्चे एक-दूसरे को जानते थे। वे दोस्त थे और अक्सर मिलते थे। सोशल मीडिया पर भी जुड़े हुए थे। इंस्टाग्राम पर बातचीत होती थी। वीडियो और फोटो शेयर किए जाते थे। मोहल्ले में भी साथ दिखते थे।
क्या जबरदस्ती का कोई मामला था?
पुलिस ने वीडियो को ध्यान से देखा। कहीं भी जबरदस्ती नहीं दिखी। सभी बच्चे अपनी मर्जी से शामिल थे। यह बात जांच में सामने आई। यही कारण है कि मामला और अलग हो गया। यह किसी साजिश जैसा नहीं दिखा। बल्कि लापरवाही और समझ की कमी सामने आई।
कब और कैसे बनाए गए वीडियो?
पुलिस के अनुसार ये वीडियो करीब तीन महीने पुराने हैं। सभी एक दोस्त के घर पर मिले थे। वहीं पर वीडियो बनाए गए। कुछ वीडियो छोटे थे। कुछ थोड़े लंबे थे। एक लड़का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। सब कुछ वहीं हुआ।
वीडियो वायरल आखिर कैसे हुए?
सबसे बड़ा सवाल यही था कि वीडियो बाहर कैसे आए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि एक लड़के ने फोन बेच दिया था। फोन में वीडियो डिलीट नहीं किए गए थे। नया खरीदार कौन था, यह साफ नहीं है। बयानों में विरोधाभास मिला। इसी से वीडियो वायरल हो गए।
पुलिस अब क्या कर रही है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। लोगों से अपील की गई है कि वीडियो शेयर न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है। लड़कियों की काउंसलिंग चल रही है। इलाके में पुलिस तैनात है। संवेदनशील माहौल को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है।
























