पंजाब में मौसम ने अचानक करवट ली है। कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाएं चलने लगीं। कई जगह बारिश शुरू हो गई। लोगों को अचानक ठंडक महसूस हुई। किसानों की चिंता बढ़ गई।
क्या किसानों की मेहनत खतरे में?
खेतों में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। कटाई का समय आ गया था। तभी मौसम खराब हो गया। तेज हवा और बारिश ने फसल गिरा दी। दानों के खराब होने का डर है। कई किसान परेशान दिखे। साल भर की मेहनत दांव पर लग गई।
क्या ओलावृष्टि ने बढ़ाई परेशानी?
कई इलाकों में ओले भी गिरे हैं। इससे नुकसान और बढ़ गया। फसल पर सीधा असर पड़ा। जमीन पर गिरी फसल सड़ सकती है। किसान इसे देखकर चिंतित हैं। कुछ जगह पहले ही नुकसान हो चुका है। हालात और खराब होने का डर है।
क्या मौसम विभाग ने चेतावनी दी?
मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है। आने वाले दिन भी भारी पड़ सकते हैं। 4 अप्रैल को भी मौसम खराब रहेगा। तेज आंधी और तूफान की आशंका है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर हो सकती है। इसके साथ बारिश भी होगी।
क्या जारी हुआ येलो अलर्ट?
हालात को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। इसे येलो अलर्ट कहा गया है। इसका मतलब खतरे की शुरुआत है। लोगों को सावधान रहने को कहा गया है। किसानों को खास सलाह दी गई है। मौसम पर नजर रखने को कहा गया है।
किन जिलों में बारिश की संभावना?
करीब 14 जिलों में बारिश का अनुमान है। इनमें पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर शामिल हैं। इसके अलावा अमृतसर और जालंधर भी प्रभावित हो सकते हैं। फाजिल्का और फिरोजपुर में भी असर दिखेगा। कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
क्या किसानों को मिली कोई सलाह?
खेती विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है। जल्दबाजी में कटाई न करें। मौसम देखकर फैसला लें। फसल को सुरक्षित रखने की कोशिश करें। अगर मौसम साफ हो तो ही काम करें। हर कदम सोच-समझकर उठाएं। यही समय सावधानी का है।























