जाब के मोगा जिले में पुलिस ने एक संगठित महिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। Punjab Police की टीम ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यह गिरोह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस की इस सफलता को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
क्या देर रात छापेमारी में हुई गिरफ्तारी?
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रात करीब 11 बजे जोगिंदर चौक और बस स्टैंड इलाके में रेड की। इस दौरान चार महिलाओं को मौके से हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये महिलाएं समूह बनाकर वारदातों को अंजाम देती थीं। पुलिस ने मौके पर ही पूछताछ शुरू कर दी और आगे की जांच तेज कर दी गई।
क्या किन तरीकों से करती थीं वारदात?
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह बेहद चालाकी से लोगों को फंसाता था। आरोपी पहले भरोसा जीतती थीं और फिर मौका देखकर नकदी और जेवरात लेकर फरार हो जाती थीं। कई मामलों में उन्होंने धोखे से लोगों को उलझाकर लूट की घटनाएं अंजाम दीं। पुलिस का मानना है कि इनका तरीका काफी सुनियोजित था।
क्या आरोपी पहले भी रह चुकी हैं सक्रिय?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इन महिलाओं का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। अलग-अलग इलाकों में इनके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। यह गिरोह लगातार जगह बदलकर वारदात करता था ताकि पहचान से बच सके। जांच एजेंसियां अब इनके पुराने मामलों की भी पड़ताल कर रही हैं।
क्या कहती है पुलिस की जांच?
Moga Police के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है।
क्या आगे और खुलासे की उम्मीद?
पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
क्या लोगों को सतर्क रहने की जरूरत?
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अनजान लोगों पर तुरंत भरोसा न करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। इससे ऐसे अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
























