पंजाब के जगराओं में दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया। एक ही समय पर पांच अंतिम संस्कार हुए। हर तरफ सन्नाटा था। रोने की आवाजें गूंज रही थीं। लोग एक-दूसरे को संभाल रहे थे। माहौल पूरी तरह गम में डूबा हुआ था। इस दृश्य ने हर आंख को नम कर दिया।
क्या मथुरा में हुआ बड़ा हादसा?
उत्तर प्रदेश के मथुरा में यह हादसा हुआ। वृंदावन के पास यमुना नदी में नाव पलट गई। नाव में कई श्रद्धालु सवार थे। अचानक संतुलन बिगड़ गया। टक्कर के बाद हालात बेकाबू हो गए। कई लोगों की जान चली गई। कुछ अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
क्या परिवारों में मचा मातम?
मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है। हर घर में दुख का साया है। मां अपने बच्चे को याद कर रही है। पत्नी अपने पति को पुकार रही है। बच्चे अपने माता-पिता को ढूंढ रहे हैं। किसी के पास शब्द नहीं हैं। दर्द इतना गहरा है कि हर आंख भर आई है।
क्या थी यात्रा की पूरी योजना?
जगराओं से लोग धार्मिक यात्रा पर निकले थे। दो बसों में करीब सौ से ज्यादा लोग थे। सभी वृंदावन दर्शन के लिए गए थे। सुबह सब ठीक था। कुछ लोग होटल में रुके रहे। बाकी नदी किनारे घूमने चले गए। वहां उन्होंने नाव की सवारी करने का फैसला किया। यही फैसला भारी पड़ गया।
क्या कैसे हुआ नाव पलटने का हादसा?
यमुना नदी में अस्थायी पुल बनाया गया था। पानी का स्तर बढ़ा हुआ था। नाव उस ढांचे से टकरा गई। टक्कर के बाद संतुलन बिगड़ गया। नाव अचानक पलट गई। लोग सीधे पानी में गिर गए। कुछ को बचा लिया गया। लेकिन कई लोगों को नहीं बचाया जा सका। सब कुछ बहुत तेजी से हुआ।
क्या प्रशासन और सरकार सक्रिय?
Bhagwant Mann जगराओं पहुंचे। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी। परिवारों से मुलाकात की। प्रशासन ने हेल्पलाइन शुरू की। राहत और बचाव का काम जारी है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है। सरकार ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
क्या हादसा छोड़ गया बड़े सवाल?
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या सुरक्षा के इंतजाम कमजोर थे। क्या नाव चलाने में गलती हुई। क्या यात्रियों को खतरे की जानकारी थी। अब लोग जवाब चाहते हैं। परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। यह हादसा एक चेतावनी भी है। ताकि आगे ऐसी गलती दोहराई न जाए।

























