मृतका की मां ने पुलिस को दी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि उसका पति अक्सर उसे धमकाता था कि अगर वह घर वापस नहीं आई तो वह उनकी बेटी को नुकसान पहुंचा देगा। मां का कहना है कि उसे पहले से ही अनहोनी का डर था, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि मामला इतना भयानक रूप ले लेगा।
हत्या का आरोप और जल्दबाजी में संस्कार
मां के मुताबिक, 26 अप्रैल को उसे सूचना मिली कि उसकी बेटी की हत्या कर दी गई है। आरोप है कि पिता और उसके परिजनों ने मिलकर चुन्नी से फंदा लगाकर लड़की की जान ली। इसके बाद बिना पुलिस या मां को बताए, शव को तुरंत श्मशान घाट ले जाकर जला दिया गया। यह कदम खुद में कई सवाल खड़े करता है और घटना को और संदिग्ध बना देता है।
पुलिस को देर से मिली सूचना
बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दी थी, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक लड़की का अंतिम संस्कार हो चुका था। शव पूरी तरह जल चुका था, जिससे शुरुआती सबूत जुटाने में भी दिक्कत आई। यही कारण है कि अब जांच और भी जटिल हो गई है।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित मां ने यह भी आशंका जताई है कि हत्या से पहले उसकी बेटी के साथ कोई गलत हरकत की गई हो सकती है। उसने कहा कि इतनी जल्दी में अंतिम संस्कार करना इस बात की ओर इशारा करता है कि सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई है। मां का दर्द साफ झलकता है, जब वह कहती है कि उसकी बेटी पढ़ाई में तेज थी और उसका कोई कसूर नहीं था।
फॉरेंसिक जांच में जुटी टीम
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और श्मशान घाट से जरूरी सैंपल इकट्ठा किए गए। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
समाज के सामने खड़े सवाल
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है—क्या अब रिश्तों में भी भरोसा खत्म होता जा रहा है? एक पिता पर बेटी की हत्या का आरोप इंसानियत को शर्मसार करता है। अब सबकी नजर जांच पर टिकी है, ताकि सच सामने आए और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

























