लाइफ स्टाइल न्यूज. छठ पूजा एक प्राचीन और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देवता और छठी माता की पूजा के लिए समर्पित है। इस पर्व का उद्देश्य सूर्य देवता से सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करना है। इस दिन भक्तजन विशेष रूप से उपवास रखते हैं और सूर्य के उदय और अस्त होने के समय अर्घ्य अर्पित करते हैं।
अर्घ्य अर्पण का समय
2024 में छठ पूजा का पर्व 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न समय पर अर्घ्य अर्पित किए जाएंगे। अर्घ्य अर्पण का समय हर शहर में भिन्न हो सकता है। यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण होती है, ताकि भक्तगण सही समय पर पूजा कर सकें।
- शहर विशेष में अर्घ्य का समय
- आइए जानते हैं कुछ प्रमुख शहरों में अर्घ्य अर्पण का समय:
- दिल्ली: यहाँ अर्घ्य अर्पण का समय 1 नवंबर, 2024 को सुबह 6:22 बजे होगा।
- पटना: पटना में 1 नवंबर को सुबह 6:13 बजे अर्घ्य अर्पित किया जाएगा।
- ग़ाज़ियाबाद: यहाँ अर्घ्य अर्पण का समय 6:25 बजे है।
- वाराणसी: वाराणसी में अर्घ्य अर्पण का समय 1 नवंबर को सुबह 6:10 बजे निर्धारित है।
- लुधियाना: लुधियाना में अर्घ्य अर्पण का समय 6:20 बजे होगा।
छठ पूजा की तैयारी
छठ पूजा के लिए भक्तजन विशेष तैयारी करते हैं। इस दिन विशेष रूप से स्नान कर, साफ वस्त्र पहनकर, भक्तजन पूजा की सामग्री तैयार करते हैं। पूजा के लिए थाल में खास तौर पर गन्ना, फल, सूखे मेवे और खास तरह के पकवान रखे जाते हैं। इन पकवानों में Thekua, चावल, गुड़ और अन्य मिठाइयाँ शामिल होती हैं।
समुदाय का सहयोग
छठ पूजा का पर्व सामूहिकता और एकता का प्रतीक है। भक्तगण सामूहिक रूप से घाटों पर एकत्र होते हैं और मिलकर पूजा करते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में सहयोग और सामंजस्य की भावना को भी बढ़ाता है।
सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित करने का महत्व
छठ पूजा के दौरान सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित करने का महत्व अत्यधिक है। सही समय पर अर्घ्य अर्पित करना भक्तों के लिए आवश्यक है। विभिन्न शहरों में अर्घ्य अर्पण का समय अलग-अलग हो सकता है, इसलिए भक्तगण अपने शहर के अनुसार समय की जानकारी अवश्य लें। इस पर्व पर श्रद्धा और भक्ति के साथ सूर्य देवता की आराधना करें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सफल और समृद्ध बनाएं।























