हैल्थ न्यूज. एक जापानी व्यक्ति ने पिछले 15 वर्षों से अपनी दिनचर्या और भोजन को बिल्कुल वैसा ही रखा है ताकि उसे अनावश्यक निर्णय लेने से बचना पड़े। 38 वर्षीय गो किता का कहना है कि इस जीवनशैली से उनका दिमाग शांत और स्पष्ट रहता है। दक्षिण चीन मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के अनुसार, गो किता सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करते हैं। जब उन्होंने कार्यस्थल में कदम रखा तो उन्होंने महसूस किया कि रोजमर्रा के ढेर सारे निर्णय लेना उनके लिए तनावपूर्ण साबित हो रहा है। SCMP के अनुसार, औसतन एक व्यक्ति दिन भर में लगभग 35,000 निर्णयों का सामना करता है।
आज के सूचना से भरपूर युग में, इस तरह की अनवरत निर्णय प्रक्रिया से ‘निर्णय थकान’ (decision fatigue) हो सकती है। यह मानसिक थकान की स्थिति है जिसमें व्यक्ति कई विकल्पों के कारण मानसिक रूप से थक जाता है। अध्ययन बताते हैं कि यह थकान निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकती है, जिससे व्यक्ति निर्णय टाल सकता है या अपरिपक्व निर्णय ले सकता है।
बेसबॉल स्टार इचिरो सुजुकी से प्रेरणा
किता ने जापानी बेसबॉल स्टार इचिरो सुजुकी से प्रेरणा ली, जो सात वर्षों तक एक सख्त दिनचर्या का पालन करते थे। SCMP के अनुसार, सुजुकी हर सुबह करी चावल से नाश्ता करते थे और कसरत व स्नान का समय तय होता था। इसी दिनचर्या ने सुजुकी को मानसिक स्पष्टता और ध्यान केंद्रित करने में मदद की, जिससे उन्हें लगातार 10 सीज़न में 200 हिट्स का रिकॉर्ड बनाने में सहायता मिली, जो बेसबॉल इतिहास में अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड है। किता ने महसूस किया कि सुजुकी की तरह वह भी अपने निजी जीवन में विकल्पों को सीमित कर कार्यक्षमता बढ़ा सकते हैं।
15 सालों से एक जैसा भोजन और कपड़े
किता ने पिछले 15 वर्षों से अपने भोजन में बदलाव नहीं किया। वह हर सुबह नाश्ते में नट्स और रेमन खाते हैं, दोपहर में चिकन ब्रेस्ट और रात में बीन्सप्राउट्स के साथ तले हुए सूअर के मांस का सेवन करते हैं। एक संतुलित आहार सुनिश्चित करने के लिए वह नियमित रूप से पोषण संबंधी सप्लीमेंट्स भी लेते हैं। उन्होंने अपने कपड़े और अंडरवियर भी एक जैसे रखे हैं ताकि कपड़ों के चयन में समय न जाए। उनके पास विशेष समय पर कपड़े धोना, शेविंग करना और नाखून काटने का भी रूटीन है।
मानसिक स्पष्टता और कार्यक्षमता में सुधार
SCMP की रिपोर्ट के अनुसार, किता का मानना है कि व्यक्तिगत जीवन में विकल्पों को कम करने से उनका मानसिक बोझ हल्का होता है। इसका लाभ उन्हें कार्यस्थल में मिलता है जहां वे निर्णय लेने में अधिक कुशल हो पाते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस तरह की जीवनशैली का उनके ऊपर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ा है या नहीं। किता का यह अनूठा प्रयास इस बात को दर्शाता है कि कम विकल्प रखने से मानसिक थकान को कैसे कम किया जा सकता है और जीवन में सरलता से संतुलन बनाए रखा जा सकता है।























