रविवार की सुबह शहर के शाही जामा मस्जिद स्थित हरिहर मंदिर का सर्वे जमा होने के बाद दूसरे चरण का सर्वे शुरू किया गया। इसकी जानकारी होते ही सुबह करीब 9 बजे भीड़ मस्जिद की ओर पहुंचने लगी, जब भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की गई तो पहले तो अफरा-तफरी मच गई और बाद में भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया. पुलिस ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि दूसरी तरफ से भी फायरिंग की गई है. स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है.
सुबह ही एडवोकेट कमिश्नर पहुंच गए थे
जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर की घटनाओं के बाद शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। वहीं मामले में एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव के साथ वादी के वकील विष्णु शंकर जैन और बचाव पक्ष से कई लोग मौजूद रहे. जुमे की नमाज के दौरान मुरादाबाद और बरेली मंडल के करीब आठ जिलों से पुलिस बल तैनात किया गया था। उस समय सुरक्षा की दृष्टि से जामा मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बांस-बल्लियों से बैरिकेडिंग कर पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था, ताकि भीड़ उस ओर न जा सके.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एडवोकेट कमिश्नर पहुंचे
रविवार सुबह अचानक एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव अपनी टीम के साथ जामा मस्जिद पहुंचे। जहां उनके साथ डीएम डॉ. राजिंदर पैंसिया, एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल और अन्य अधिकारी मौजूद थे. इस बीच बैरिकेडिंग पर भारी संख्या में पीएसी और आरआरएफ के जवान तैनात कर दिए गए। जो उस तरफ जाने वाले सभी लोगों को रोक रहे थे. अधिकारियों के अचानक जामा मस्जिद पहुंचने पर शहर के लोगों में दहशत का माहौल हो गया और भारी पुलिस बल वहां मौजूद था.

























