बिजनेस न्यूज. वोल्क्सवैगन के सीईओ ओलिवर ब्लूम और लेबर यूनियन के प्रमुखों के बीच बुधवार को हुई एक स्टाफ मीटिंग में तनाव देखने को मिला। प्रबंधन द्वारा लागत में कटौती और प्लांट बंद करने की योजना पर जोर देने से कामगारों ने नाराजगी जताई। जर्मन ऑटोमेकर के कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्लांट बंद करने की प्रक्रिया जारी रही तो वे और हड़तालें करेंगे।
प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच तनातनी
रायटर की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी कंपनी के साथ चल रही वेतन वार्ता में प्लांट बंद करने की योजना को शामिल न करने की मांग कर रहे हैं। वोल्फ्सबर्ग स्थित मुख्य प्लांट में करीब 20,000 कर्मचारी एकत्रित हुए, जहां जर्मनी के श्रम मंत्री ह्यूबर्टस हेल ने भी उपस्थिति दर्ज कराई।
अगली बैठक की तारीख तय
वेतन और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए अगला दौर 9 दिसंबर 2024 को निर्धारित किया गया है। प्रबंधन का कहना है कि चीनी ऑटोमोबाइल निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए जर्मनी में कुछ प्लांट बंद करना और लागत में कटौती आवश्यक है।
कामगारों की सख्त प्रतिक्रिया
लेबर यूनियन के सदस्यों ने इन उपायों को “लाल रेखा” करार दिया और हड़ताल की धमकी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह की शुरुआत में हुए वाकआउट के बाद कर्मचारी और कड़े कदम उठाने के मूड में हैं।
सीईओ का बयान और कर्मचारियों का विरोध
सीईओ ओलिवर ब्लूम ने कहा, “एक प्रबंधन के रूप में हम काल्पनिक दुनिया में काम नहीं कर रहे हैं। हमें तेजी से बदलते माहौल में निर्णय लेने पड़ रहे हैं।” हालांकि, उनके भाषण के दौरान बार-बार कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया।
लेबर यूनियन प्रमुख की कड़ी आलोचना
वोल्क्सवैगन की लेबर काउंसिल की नेता डेनिएला कैवलो ने सीईओ की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि संघर्ष के समाधान के लिए केवल कर्मचारियों से बलिदान की उम्मीद करना गलत है। उन्होंने कहा, “इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए प्रबंधन, शेयरधारकों और सभी पक्षों को अपनी भूमिका निभानी होगी।”
कंपनी के सामने चुनौती
वोल्क्सवैगन के प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच इस विवाद ने कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। आगामी बैठक में कोई समाधान निकलेगा या संघर्ष और गहराएगा, यह देखना बाकी है।

























