खरमास 2024-2025: हिंदू धर्म में खरमास की अवधि को किसी भी शुभ या औपचारिक कार्य को करने के लिए अशुभ माना जाता है। खरमास की अवधि तब शुरू होती है जब सूर्य बृहस्पति द्वारा शासित राशि में प्रवेश करता है। इस साल खरमास 15 दिसंबर 2024 को शुरू होगा, जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेगा और इसका समापन 14 जनवरी 2025 को होगा, जब सूर्य मकर संक्रांति के दौरान मकर राशि में प्रवेश करेगा।
खरमास 2024-2025 तिथियां और समय
खरमास रविवार, 15 दिसंबर 2024 को मूला नक्षत्र के दौरान सुबह 7:35 बजे सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ शुरू हो गया है। पहला चंद्र दिवस (प्रतिपदा) दोपहर 1:12 बजे शुरू होगा और आर्द्रा नक्षत्र दोपहर 2:34 बजे शुरू होगा। यह अवधि मंगलवार, 14 जनवरी 2025 को समाप्त होगी, जब पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान सुबह 3:19 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा, जो खरमास के समापन और मकर संक्रांति की शुरुआत का प्रतीक है।
खरमास को अशुभ क्यों माना जाता है?
खरमास तब होता है जब सूर्य बृहस्पति (धनु या मीन) द्वारा शासित राशि में प्रवेश करता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस अवधि के दौरान, धनु राशि में सूर्य की उपस्थिति बृहस्पति की शुभता को कम करती है। धनु एक उग्र राशि है, जो संतुलन को बिगाड़ती है, जिससे यह शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल हो जाती है। इसके अलावा, इस दौरान अक्सर मौसमी परिवर्तन देखे जाते हैं, जो माना जाता है कि ऐसे अनुष्ठानों के परिणामों को प्रभावित करते हैं। इस अवधि के दौरान किए गए किसी भी शुभ कार्य से वांछित परिणाम मिलने की संभावना कम होती है। इसलिए, इस 30-दिवसीय अवधि को समारोहों और महत्वपूर्ण उपक्रमों के लिए टाला जाता है।
खरमास के दौरान वर्जित कार्य
- खरमास के दौरान निम्नलिखित गतिविधियों को पारंपरिक रूप से टाला जाता है:
- विवाह, सगाई, गृह प्रवेश समारोह और अन्य शुभ अनुष्ठान।
- नये घर का निर्माण या खरीद आरंभ करना।
- नये उद्यम, व्यवसाय या परियोजनाएं शुरू करना।
- बड़े निवेश करना या महत्वपूर्ण सौदों को अंतिम रूप देना।

























