बिजनेस न्यूज. डॉ. मनमोहन सिंह, जिन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था का वास्तुकार कहा जाता है, ने अपनी दूरदर्शी सोच और नेतृत्व से न केवल देश को आर्थिक संकट से उबारा, बल्कि विकास और वैश्वीकरण का नया रास्ता भी दिखाया। भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में उनका नाम राजनीति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में एक मिसाल के तौर पर लिया जाता है। डॉ. मनमोहन सिंह भारत के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री थे जिनके हस्ताक्षर भारतीय मुद्रा नोटों पर देखे जा सकते थे। 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में उन्होंने दस रुपये के नोटों पर हस्ताक्षर किए। गवर्नर रहते हुए यह अधिकार उन्हीं के पास था। यह उपलब्धि उन्हें अन्य प्रधानमंत्रियों से अलग बनाती है।
देश को आर्थिक संकट से बचाने का कार्य
1991 में, जब भारत गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था, डॉ. मनमोहन सिंह ने तत्कालीन वित्त मंत्री के रूप में नई आर्थिक नीतियां लागू कर देश को संकट से उबारा। उस समय भारत का वित्तीय घाटा जीडीपी का 8.5% था और भुगतान संतुलन का संकट बेहद गहरा था। देश को अपना सोना भी गिरवी रखना पड़ा। लेकिन डॉ. सिंह के सुधारवादी कदमों ने देश को इस संकट से बाहर निकाला।
आर्थिक सुधार और वैश्वीकरण की नींव
1991-92 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए, डॉ. सिंह ने लाइसेंस राज समाप्त करने, निजीकरण को प्रोत्साहित करने और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा देने जैसे कई बड़े कदम उठाए। उनके सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण और वैश्वीकरण की ओर अग्रसर किया।
प्रधानमंत्री के रूप में उपलब्धियां
2004 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, डॉ. मनमोहन सिंह ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जैसी योजनाएं शुरू कीं, जिससे ग्रामीण रोजगार में सुधार हुआ। इसके अतिरिक्त, आधार कार्ड जैसी क्रांतिकारी पहचान प्रणाली की नींव भी उनके कार्यकाल में रखी गई। 2008 की वैश्विक मंदी के दौरान, उन्होंने किसान कर्ज माफी योजना और आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज लाकर देश को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया।
सामाजिक सुधारों में योगदान
प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. सिंह ने सूचना का अधिकार, बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा और भोजन का अधिकार कानून जैसे कई सामाजिक सुधार किए। उनके प्रयासों से वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन मिला और देश के दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई गईं।
प्रेरणादायक जीवन और नेतृत्व
मनमोहन सिंह का जीवन और योगदान भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए प्रेरणादायक है। उनकी दूरदर्शी नीतियों और नेतृत्व ने न केवल भारत को आर्थिक स्थिरता प्रदान की, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान भी दी।























