पंजाब समाचार। करीब एक साल से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे किसानों और आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की मेहनत अब रंग लाती नजर आ रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी समेत 16 प्रमुख मांगों को लेकर केंद्र और किसानों के बीच फरवरी 2024 से चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि शनिवार को केंद्रीय टीम किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मिलकर उनकी मांगों पर चर्चा करने का प्रस्ताव लेकर खनौरी बॉर्डर पर पहुंची। शनिवार को खनौरी सीमा पर पांच घंटे तक चली बैठकें निर्णायक रहीं। इस बीच, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन जारी रहेगा। हालाँकि, वे चिकित्सा सहायता लेने के लिए सहमत हो गए हैं।
14 फरवरी को होगी केंद्रीय किसानों की बैठक
केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे संयुक्त सचिव प्रिय रंजन ने शाम 5:15 से 7:30 बजे तक किसान नेताओं काका सिंह कोटड़ा, सरवन सिंह पंधेर, अभिमन्यु कुहाड़ व अन्य से बातचीत की। इस चर्चा के बाद किसान संगठनों ने शाम साढ़े सात बजे से दस बजे तक केंद्र सरकार की टीम द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर अलग से चर्चा की। इसके बाद खनौरी बॉर्डर स्थित मंच से, जहां किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पिछले 54 दिनों से मंच पर बने आईसीयू जैसे कमरे में आमरण अनशन पर बैठे हैं, केंद्रीय टीम का नेतृत्व कर रही संयुक्त सचिव प्रिय रंजन ने किसानों को संबोधित किया। 14 फरवरी, चंडीगढ़ केंद्र ने किसानों के साथ बैठक की आधिकारिक घोषणा की

























