एफबीआई निदेशक पद के लिए ट्रम्प प्रशासन के नामित काश पटेल ने सीनेट को बताया कि उन्हें नकस्लवाद का सामना करना पड़ा है। एफबीआई निदेशक के रूप में काश पटेल की नियुक्ति के अनुमोदन पर सीनेट में सुनवाई शुरू हो गई है। सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पटेल से पूछा कि “क्या उन्होंने कभी व्यक्तिगत रूप से नस्लवाद का अनुभव किया है।” इस पर पटेल ने सीनेट न्यायपालिका समिति को बताया कि दुर्भाग्य से उन्हें इसका सामना करना पड़ा।
मौत की धमकियां मिलीं
पटेल ने कहा कि उन्होंने 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल हिल में हुई हिंसा की जांच के दौरान समिति के समक्ष बयान दिए थे। कांग्रेस (अमेरिकी संसद) ने उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी थी। इसके बाद पटेल को जान से मारने की धमकियां मिलीं। उन्हें ‘पता लगाने योग्य रेत निगर’ भी कहा जाता था। यह एक नस्लीय गाली है जिसका प्रयोग मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और दक्षिण एशिया के लोगों को बदनाम करने के लिए किया जाता है।
मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई
काश पटेल ने अपना भाषण ‘जय श्री कृष्ण’ के नारे के साथ शुरू किया। वह पगड़ी पहने भी नजर आये। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की। सुनवाई के दौरान उनके माता-पिता सीनेट में मौजूद थे। काश पटेल की मां अंजना पटेल और पिता विनोद पटेल भारत से अमेरिका आये थे। उनकी बहन और परिवार के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे। पटेल ने माता-पिता और परिवार के सदस्यों का भी सीनेट में स्वागत किया। पटेल ने एफबीआई निदेशक के रूप में उन्हें नामित करने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को भी धन्यवाद दिया।























