जीएसटी एमनेस्टी स्कीम: जीएसटी विभाग द्वारा चलाई जा रही एमनेस्टी स्कीम से उन कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के दौरान नोटिस मिले थे। इस योजना के तहत कारोबारियों को सिर्फ बकाया टैक्स जमा करना होगा, जबकि ब्याज व जुर्माने से पूरी छूट मिलेगी। पंजीकृत व्यवसायी अब 31 मार्च तक जीएसटी एमनेस्टी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि यह योजना जीएसटी लागू होने के बाद से उत्पन्न विवादों को सुलझाने के लिए लाई गई है। इसके तहत 2017-18 से 2019-20 के बीच कर विवाद में कर राशि के भुगतान पर ब्याज और जुर्माने से छूट दी जा रही है।
वाणिज्यिक कर विभाग को उम्मीद है कि इस योजना से कर विवाद सुलझ जाएगा और सरकार को करीब 1,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही कारोबारियों को ब्याज और जुर्माने से भी राहत मिलेगी।
नए सत्र से पॉलीटेक्निक संस्थानों में पढ़ाई जाएगी इनोवेशन और उद्यमिता
वहीं, नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी 48 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्रों को नवाचार और उद्यमिता के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे 42 हजार से अधिक छात्र लाभान्वित होंगे।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों को प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल को औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ नवाचार एवं उद्यमिता के अध्ययन से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों को उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को आईआईटी, पटना और बीएचयू, वाराणसी के प्रोफेसरों तथा औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की मदद से प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसलिए प्रत्येक पॉलिटेक्निक संस्थान में प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल को औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
ये विशेषज्ञ छात्रों को संचार कौशल, साक्षात्कार कौशल और प्रस्तुति कौशल पर जानकारी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा लागू की गई बिहार स्टार्टअप नीति के तहत नए उद्यम स्थापित करने के विचारों पर काम किया जाएगा ताकि छात्रों को स्वतंत्र उद्यम स्थापित करने की प्रेरणा मिल सके।
प्रत्येक पॉलिटेक्निक में एक स्टार्टअप सेल होगा
विभाग ने सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों और इंजीनियरिंग कॉलेजों को स्टार्टअप सेल बनाने का निर्देश दिया है। इसके माध्यम से छात्रों को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसमें उद्योग विभाग से भी मदद ली जाएगी। छात्रों को उनके स्टार्टअप के विचार चरण और बिजनेस मॉडल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

























