संचार मंत्रालय के अधीन काम करने वाली भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने लगभग 18 वर्षों के बाद तिमाही लाभ कमाया है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में बीएसएनएल ने 262 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। बीएसएनएल 2007 से घाटे में चल रही थी। बीएसएनएल को घाटे से बचाने और दूरसंचार कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में कंपनी को 3.22 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा की है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में 89 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा की
वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने बीएसएनएल को 69 हजार करोड़ रुपये, 2021 में 1.64 लाख करोड़ रुपये और 2023 में 89,000 करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा की थी। कंपनी के सीएमडी ए. रॉबर्ट जे. रवि के अनुसार, बीएसएनएल ने नवाचार, ग्राहक संतुष्टि और नेटवर्क विस्तार के जरिए यह मुकाम हासिल किया है।
राजस्व में 20 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद
उन्होंने कहा कि हमें इस वित्तीय वर्ष के अंत तक अपने राजस्व में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मोबिलिटी सेवाओं से राजस्व में 15 प्रतिशत की वृद्धि, फाइबर टू होम से राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि तथा लीज्ड लाइन सेवाओं से राजस्व में 14 प्रतिशत की वृद्धि ने बीएसएनएल को लाभ में आने में मदद की है।
बीएसएनएल अपनी सेवाओं को 5जी तक ले जाने में व्यस्त
सीएमडी के अनुसार, कंपनी अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने, 5जी की तैयारी करने और डिजिटल परिवर्तन करने में लगी हुई है। राष्ट्रीय वाई-फाई रोमिंग जैसी सेवाओं के साथ-साथ बीआईटीवी के माध्यम से ग्राहकों को मुफ्त मनोरंजन सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

























