राष्ट्रीय समाचार. तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में शनिवार सुबह एसएलबीसी (श्री सलेम लेफ्ट बैंक कैनाल) सुरंग परियोजना का एक हिस्सा ढह गया। जिसमें 6 मजदूर फंस गए। यह दुर्घटना सुरंग के प्रवेश बिंदु से 14 किलोमीटर दूर घटित हुई। अधिकारियों के अनुसार छत का करीब तीन मीटर हिस्सा गिर गया है। सुरंग का काम काफी समय से रुका हुआ था। काम चार दिन पहले ही फिर से शुरू हुआ था। नागरकुरनूल के एसपी वैभव गायकवाड़ ने बताया कि सिंचाई परियोजना पर काम कर रही कंपनी की दो बचाव टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। कंपनी के अनुसार, घटना के समय 50 कर्मचारी घटनास्थल पर मौजूद थे। इनमें से 43 सुरक्षित बाहर आ गए हैं।
राहत एवं बचाव कार्य जारी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, जिला कलेक्टर, अग्निशमन विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सड़क एवं भवन मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने एक बयान में कहा, “श्रीशैलम से देवरकोंडा तक सुरंग के 14वें किलोमीटर के प्रवेश द्वार (डोमलपेंटा के निकट) पर रिसाव के कारण कंक्रीट के फिसलने के कारण यह दुर्घटना हुई।” केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर किया हमला बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने सीएम रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को एसएलबीसी सुरंग हादसे की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
अगस्त में सुंकीशाला में रिटेनिंग दीवार ढह गई थी
इससे पहले 1 अगस्त 2024 को तेलंगाना में नागार्जुनसागर बांध के पास स्थित सुंकीशाला में रिटेनिंग दीवार ढह गई थी। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने दुर्घटना के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया और न्यायिक जांच की मांग की। वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा था कि यह परियोजना बीआरएस शासनकाल में 2,215 करोड़ रुपये की लागत से बनी थी और खराब गुणवत्ता के कारण दीवार गिर गई।

























