नई दिल्ली. ऋषिकेश एम्स से केदारनाथ आ रहा एक हेलीकॉप्टर अचानक केदारनाथ हेलीपैड पर उतरते समय नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह सेवा ऋषिकेश से हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस के रूप में संचालित होती है, जो मरीज को लेने केदारनाथ आती है। दिल्ली में विमान में दो डॉक्टर और एक पायलट सवार थे। सभी लोग सुरक्षित हैं। यह घटना हेलीपैड से 20 मीटर दूर घटी। बताया गया कि हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा के तहत मरीज को लेने केदारनाथ आया था।
हेलीकॉप्टर का संतुलन बिगड़ गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एम्स ऋषिकेश से भेजी गई हेलीकॉप्टर एंबुलेंस शुक्रवार सुबह एक मरीज को लेने केदारनाथ धाम पहुंची। मौसम में अचानक परिवर्तन और तकनीकी कारणों से लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर का संतुलन बिगड़ गया, जिसके कारण उसे आपातकालीन क्रैश लैंडिंग करनी पड़ी। हेलीकॉप्टर में पायलट और मेडिकल स्टाफ सहित कुल पांच लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाएं
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में, विशेषकर चारधाम यात्रा मार्गों पर हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। कुछ दिन पहले उत्तराखंड के गंगाणी क्षेत्र में एक निजी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले वर्ष 2022 में केदारनाथ में ही हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई थी। राज्य की कठिन भौगोलिक स्थिति, तेजी से बदलता मौसम और सीमित तकनीकी सहायता प्रणाली को इन दुर्घटनाओं के मुख्य कारण बताया गया है।
चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा की भूमिका
पिछले कुछ वर्षों में चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा का महत्व काफी बढ़ गया है। यह सेवा विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और बीमार यात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित होती है। हर साल हजारों तीर्थयात्री केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री जैसे तीर्थ स्थलों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचते हैं। एम्स ऋषिकेश की यह हेली एम्बुलेंस विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए तैनात की गई थी। ऐसे में इस सेवा में व्यवधान न केवल श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय है, बल्कि प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े करता है।























