National New: मणिपुर एक बार फिर अशांति के दौर से गुजर रहा है। राज्य की राजधानी इंफाल और आसपास के जिलों में हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। 7 जून से पूरे पांच दिनों के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल और काकचिंग जिलों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लगा दी गई है।
इंटरनेट बंद, अफवाहों पर लगाम
राज्य सरकार के अनुसार, इंटरनेट बंद करने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि सोशल मीडिया पर अफ़वाहें और भड़काऊ वीडियो तेज़ी से फैलने लगे थे। इनका इस्तेमाल कुछ असामाजिक तत्व लोगों की भावनाओं को भड़काने और समुदायों के बीच तनाव पैदा करने के लिए कर सकते थे। सरकार ने कहा कि यह कदम ‘जान-माल की सुरक्षा’ और ‘सामाजिक शांति’ बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हिंसा कैसे भड़की?
हिंसा तब शुरू हुई जब खबर आई कि कमांडर समेत मेइतेई समुदाय के पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ इंफाल पश्चिम के क्वाकेथेल पुलिस स्टेशन पर जमा हो गई और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग करने लगी। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इस झड़प में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो पत्रकार भी शामिल हैं।
सुरक्षा प्रणाली चेतावनी
राज्य सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल कार्रवाई की है। प्रभावित इलाकों में अर्धसैनिक बलों और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सड़कों पर सुरक्षा बलों की लगातार गश्त जारी है और लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे बिना वजह घर से बाहर न निकलें। सरकार ने साफ कर दिया है कि आप बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई भी जानकारी साझा न करें ताकि तनाव और न बढ़े।
जनता से अपील
मणिपुर पुलिस और प्रशासन ने जनता से संयम बनाए रखने और शांति से सहयोग करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और किसी भी भड़काऊ पोस्ट को शेयर न करें। राज्य में इंटरनेट सेवाएं 11 जून तक बंद रहेंगी। प्रशासन स्थिति पर नज़र रखे हुए है। अगर हालात सामान्य हुए तो धीरे-धीरे कर्फ्यू और धारा 144 को हटाया जा सकता है। लेकिन इस समय मणिपुर एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन और जनता दोनों को संयम की सख्त ज़रूरत है।

























