स्पोर्ट्स न्यूज. लीड्स टेस्ट की पहली पारी में इंग्लैंड की ओर से पांच विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह का आगामी एजबेस्टन मैच में खेलना अनिश्चित है, जिससे टीम इंडिया के खेमे में नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड पर 2 जुलाई से शुरू होने वाला है। हालांकि, इस मैच में बुमराह का खेलना अनिश्चित है। उनकी अनुपस्थिति भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण को काफी कमजोर कर सकती है। पहले टेस्ट में बुमराह को दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिससे इंग्लिश बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने का मौका मिला। अगर वह दूसरे मैच में नहीं खेलते हैं, तो भारत का गेंदबाजी आक्रमण और भी मुश्किल में पड़ सकता है। हालांकि बुमराह के बाहर होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने संभावना के संकेत दिए हैं।
रवि शास्त्री ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए रवि शास्त्री ने कहा, “इससे पहले बुमराह ने कहा था कि वह सिर्फ़ 3 टेस्ट मैच खेलेंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि कौन से? मुझे लगता है कि अगर वह ब्रेक लेंगे तो दूसरे टेस्ट में क्योंकि वह निश्चित रूप से लॉर्ड्स में खेलना चाहेंगे।”
बुमराह को एजबेस्टन से आराम, लॉर्ड्स टेस्ट में वापसी
रवि शास्त्री ने बताया कि लॉर्ड्स की पिच तेज गेंदबाजों के लिए काफी अनुकूल है और बुमराह वहां अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने उस मैच से पहले उचित आराम की जरूरत पर जोर दिया। अगर बुमराह एजबेस्टन में खेलते हैं, तो दो मैचों के बीच चार दिन के छोटे अंतराल के कारण वह लॉर्ड्स टेस्ट से चूक सकते हैं। अंत में, अंतिम निर्णय टीम प्रबंधन पर निर्भर करता है। शास्त्री ने कहा कि दूसरे टेस्ट में बुमराह को न खिलाने से भारत के उस मैच में भी हारने की संभावना बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि बुमराह ने पहले टेस्ट में काफी अच्छी गेंदबाजी की और अब उन्हें आराम की जरूरत है। एजबेस्टन में भारत का रिकॉर्ड भी मदद नहीं करता है – यह ऐतिहासिक रूप से खराब रहा है।
भारत को एजबेस्टन में अपनी पहली जीत का इंतजार
एजबेस्टन में जीत का इंतज़ार टीम इंडिया को लंबे समय से है। कई बार जीत के करीब पहुंचने के बावजूद वे कभी भी वहां टेस्ट मैच जीतने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। भारत ने इस मैदान पर सात टेस्ट खेले हैं और उनमें से तीन में उसे पारी के अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। 1967 में भारत ने एजबेस्टन में पहला टेस्ट खेला था और तब से नतीजे निराशाजनक रहे हैं।
क्या भारत इस बार इतिहास रच पाएगा?
- 1974 में भारत एक पारी और 78 रन से हार गया।
- 1979 में उन्हें पारी और 83 रन से हार का सामना करना पड़ा।
- 2011 में भारत पारी और 242 रन से हारा था।
- 1986 का टेस्ट मैच ड्रा रहा।
- 1996 में भारत 8 विकेट से हार गया।
- 2016 में वे जीत के करीब पहुंचे लेकिन सिर्फ 31 रन से हार गए।
- 2022 में भारत को फिर हार का सामना करना पड़ा, इस बार 7 विकेट से।
- अब सबकी निगाहें कप्तान शुभमन गिल पर टिकी हैं, जो टीम की अगुआई कर रहे हैं। क्या वह इतिहास को फिर से लिख पाएंगे और एजबेस्टन में भारत को पहली जीत दिला पाएंगे?

























