लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह अपनी निजी ज़िंदगी को लेकर सोशल मीडिया और खबरों में बने रहते हैं। पवन और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच लंबे समय से विवाद और खींचतान चल रही है, जो अब सार्वजनिक हो गई है। ज्योति सिंह सोशल मीडिया पर पवन पर गंभीर आरोप लगाती रही हैं और अपनी चिंताएँ व्यक्त करती रही हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा है कि पवन और उनका परिवार उन्हें नज़रअंदाज़ कर रहा है, उनका अपमान कर रहा है और उनसे बात करने से इनकार कर रहा है।
आत्महत्या की धमकियाँ
ज्योति ने अपनी मानसिक स्थिति का भी खुलासा किया और आत्महत्या की धमकी दी। उसने पवन से मिलने के लिए उसके घर जाने की भी कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने उसे रोक दिया और उसे वहाँ से हटा दिया गया। पवन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए पूरे मामले पर सफाई दी और ज्योति के आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया।
हाल ही में ज्योति सिंह ने अपनी बात स्पष्ट करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय की गुहार लगाते हुए अपने सिंदूर और सम्मान की रक्षा की मांग की। ज्योति ने कहा, “क्या मैं समाज की बेटी नहीं हूँ? मेरे सिंदूर का क्या होगा? क्या मेरी इज्जत मायने नहीं रखती? क्या मैं उत्तर प्रदेश की बेटी और बिहार की बहू नहीं हूँ? मेरे सिंदूर की इज्जत और गरिमा की रक्षा की जाए।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन सिंह का दावा
पवन सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि ज्योति के आरोप चुनावी मौसम में अप्रत्याशित रूप से सामने आए। उन्होंने संकेत दिया कि इनके पीछे राजनीतिक और निजी स्वार्थ छिपा है। पवन ने ज्योति के निःसंतान होने और घर में जबरन घुसने के आरोपों पर भी अपना पक्ष रखा।
ज्योति सिंह ने पवन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि पवन ने बांझपन के कारण उसे गर्भपात की गोलियाँ दीं। नतीजतन, उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और उसे नींद की गोलियाँ लेनी पड़ीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, यह मामला अब सार्वजनिक और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है।
निजी जीवन में उथल-पुथल
पवन और ज्योति के बीच चल रहे विवाद ने न सिर्फ़ उनके निजी जीवन को झकझोर दिया है, बल्कि भोजपुरी सिनेमा प्रशंसकों और आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। मामला अभी तक अदालती या प्रशासनिक स्तर पर सुलझा नहीं है, और देखना होगा कि आगे क्या होता है।























