अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक पंजाब ने कुल ₹15,683.59 करोड़ का जीएसटी संग्रह किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹12,907.31 करोड़ मिला था। यानी राज्य की कमाई में ₹2,776 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। अक्टूबर 2025 में अकेले ₹2,359 करोड़ मिले, जो अक्टूबर 2024 की तुलना में ₹298 करोड़ ज्यादा हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि पंजाब की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
जब बाकी राज्य पिछड़ रहे थे!
जहां देश का औसत जीएसटी ग्रोथ रेट सिर्फ 7% रहा, वहीं पंजाब ने 21.5% की छलांग लगाई। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह सुधार ईमानदार व्यापारियों, डिजिटल टैक्स सिस्टम और बेहतर प्रशासन की वजह से संभव हुआ। इस प्रदर्शन ने पंजाब को उत्तर भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले राज्यों में शामिल कर दिया है।
टैक्स कटौती के बावजूद बढ़ी कमाई!
जीएसटी 2.0 के तहत पंजाब में कई टैक्स दरों में कटौती की गई थी, फिर भी राजस्व में बढ़ोतरी हुई। मंत्री ने कहा कि कम दरों ने व्यापारियों को पारदर्शी बिलिंग के लिए प्रेरित किया। अब लोग टैक्स चुकाने से नहीं डरते। टैक्स चोरी कम हुई और अनुपालन बेहतर हुआ। इसका सीधा असर सरकार की कमाई पर पड़ा।
बाढ़ के झटके से कैसे उभरा पंजाब?
इस साल पंजाब के करीब आधे जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे, जिससे व्यापार पर असर पड़ा। लेकिन राहत उपायों और डिजिटल निगरानी ने तेजी से रिकवरी में मदद की। कारोबारी गतिविधियां कुछ हफ्तों में फिर से पटरी पर आ गईं। चीमा ने कहा कि यह पंजाब की आर्थिक मजबूती और लोगों की हिम्मत का सबूत है।
डिजिटल निगरानी से मिली रफ्तार
वित्त मंत्री ने बताया कि टैक्स विभाग ने तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया। ई-इनवॉयसिंग, डेटा एनालिसिस और ऑनलाइन भुगतान से पारदर्शिता बढ़ी। टैक्स चोरी पकड़ने के लिए सख्त फील्ड जांच और डिजिटल मॉनिटरिंग की गई। इससे ईमानदार करदाताओं को राहत मिली और सरकारी सिस्टम पर भरोसा मजबूत हुआ।
पड़ोसी राज्यों से आगे निकला पंजाब
अक्टूबर 2025 तक पंजाब की जीएसटी वृद्धि दर हरियाणा को छोड़कर सभी पड़ोसी राज्यों से ज्यादा रही। एसजीएसटी और आईजीएसटी के आंकड़ों ने राज्य की वित्तीय स्थिति को और मजबूत साबित किया। मंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शन बताता है कि पंजाब की इंडस्ट्री और बिजनेस कम्युनिटी कितनी लचीली और मजबूत है।
भविष्य के लिए क्या योजना है?
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अब फोकस ईमानदार करदाताओं को सुविधाएं देने और सिस्टम को और आसान बनाने पर होगा। विभाग टैक्स चोरी पर सख्ती करेगा, लेकिन पारदर्शी कारोबार को बढ़ावा देगा। पंजाब का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में आर्थिक आत्मनिर्भरता और विकास दोनों में देश के लिए मिसाल बने।























