स्पोर्ट्स न्यूज. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सलामी बल्लेबाज ट्रैविस हेड को भारत के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज से बीच में ही टीम से हटा दिया है। बोर्ड का कहना है कि हेड को अब एशेज 2025-26 के लिए रेड बॉल क्रिकेट की लय में लौटना है। इसलिए वे अब घरेलू टूर्नामेंट शेफील्ड शील्ड में खेलेंगे।
कब शुरू होगी एशेज सीरीज?
21 नवंबर से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली एशेज सीरीज से पहले हेड को टेस्ट माहौल में ढालना जरूरी समझा गया। वह इस टी20 सीरीज के बीच ऑस्ट्रेलिया के पांचवें खिलाड़ी हैं जिन्हें तैयारी के लिए रिलीज किया गया है। उनसे पहले जोश हेज़लवुड भी दूसरे टी20 के बाद अपनी घरेलू टीम न्यू साउथ वेल्स के लिए लौट गए थे।
अब साउथ ऑस्ट्रेलिया से खेलेंगे हेड
ट्रैविस हेड अब साउथ ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलेंगे और अगले हफ्ते होबार्ट में तस्मानिया के खिलाफ मैदान में उतर सकते हैं। यह उनका जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टेस्ट के बाद पहला रेड बॉल मैच होगा। माना जा रहा है कि यह मुकाबला उनकी टेस्ट लय को वापस लाने में मदद करेगा।
फॉर्म पर क्यों उठे सवाल?
हाल के महीनों में ट्रैविस हेड सीमित ओवरों में अपनी लय में नहीं दिखे। उन्होंने पिछली आठ पारियों में सिर्फ 143 रन बनाए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा 31 रन रहे। सफेद गेंद के फॉर्मेट में उनकी पिछली बड़ी पारी अगस्त 2025 में आई थी जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 142 रनों की शानदार पारी खेली थी।
एशेज की तैयारी में जुटे खिलाड़ी
हेड के अलावा कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी अब एशेज की तैयारी में लगे हैं। नाथन लियोन, स्टीव स्मिथ, स्कॉट बोलैंड, कैमरन ग्रीन और सीन एबॉट जैसे खिलाड़ी घरेलू मैचों में हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि कैमरन ग्रीन अब बतौर ऑलराउंडर खेल रहे हैं और चोट से उबर चुके हैं।
भारत ने भी बदली रणनीति
केवल ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, भारत ने भी टेस्ट सीरीज की तैयारी शुरू कर दी है। टीम इंडिया ने अपने स्टार स्पिनर कुलदीप यादव को चौथे टी20 से पहले रिलीज कर दिया है ताकि वे भारत ए बनाम दक्षिण अफ्रीका ए सीरीज में रेड बॉल क्रिकेट की तैयारी कर सकें। यह फैसला टीम की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
टी20 टीम अब कैसी दिखेगी?
ट्रैविस हेड के जाने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम में मिशेल मार्श (कप्तान), ग्लेन मैक्सवेल, जोश इंग्लिस, मार्कस स्टोइनिस और टिम डेविड जैसे खिलाड़ी बचे हैं। कोचिंग स्टाफ चाहता है कि युवा खिलाड़ियों को मौका मिले ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हों। अब सभी की निगाहें एशेज से पहले हेड के प्रदर्शन पर रहेंगी।























