नेपाल की राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट में अचानक रनवे की लाइटिंग में दिक्कत आ गई। इस वजह से शाम के समय जब फ्लाइट्स की आवाजाही तेज होती है, तब उड़ानों को रोकना पड़ा। पायलटों के लिए रनवे दिखना बेहद जरूरी होता है, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए यह कदम लिया गया। एयरपोर्ट पर आने वाली और जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर असर पड़ा। यात्रियों को घंटों तक इंतज़ार करना पड़ा और कई लोग परेशान दिखे। अधिकारियों ने कहा कि यह खराबी अचानक हुई थी और तुरंत रोकना जरूरी था।
कितनी उड़ानें हुईं प्रभावित?
तकनीकी समस्या के कारण कम से कम पांच उड़ानों को तुरंत रोक दिया गया। जो विमान उड़ान भरने वाले थे, उन्हें ग्राउंड पर रोक दिया गया। वहीं जो विमान काठमांडू की ओर आ रहे थे, उन्हें दूसरे शहरों में डायवर्ट किया गया। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें प्रभावित हुईं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर इंतज़ार करना पड़ा। लोगों में चिंता और असमंजस की स्थिति दिखाई दी। एयरपोर्ट के अंदर घोषणा बार-बार की जा रही थी।
मरम्मत कौन कर रहा है?
एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया। इंजीनियर रनवे लाइटिंग सिस्टम की खराबी को ठीक करने में लगे हुए हैं। मरम्मत का काम तेज़ी से किया जा रहा है ताकि उड़ानें जल्द फिर से शुरू की जा सकें। अधिकारियों ने कहा कि जैसे ही सिस्टम सामान्य होगा, रुकी हुई उड़ानों को प्राथमिकता दी जाएगी। यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की गई है। एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और बढ़ा दिया गया है।
दिल्ली की घटना जैसी क्यों लग रही?
कुछ दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट में भी तकनीकी खराबी के कारण उड़ानें प्रभावित हुई थीं। काठमांडू की यह घटना भी वैसी ही स्थिति बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया भर के बड़े एयरपोर्ट्स पर तकनीकी सिस्टम बहुत संवेदनशील होता है। छोटे से खराबी का असर सीधे हजारों यात्रियों पर पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में तेज़ और सुरक्षित समाधान सबसे जरूरी होता है। यात्रियों के लिए यह समय सबसे मुश्किल होता है।
यात्रियों का क्या हाल है?
एयरपोर्ट पर यात्रा कर रहे लोग परेशान नजर आए। कुछ लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट थी, जो अब छूटने का खतरा है। परिवारों के साथ सफर कर रहे लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई यात्री एयरलाइंस के काउंटर पर जानकारी लेने के लिए लाइन में लगे दिखे। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी स्थिति साझा की। कुछ यात्रियों ने एयरलाइंस से साफ जवाब न मिलने की शिकायत की। माहौल में बेचैनी साफ देखने को मिली।
एयरलाइंस क्या कर रही हैं?
एयरलाइन कंपनियों ने यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की जानकारी देना शुरू किया है। कुछ यात्रियों को रिफंड की सुविधा दी जाएगी। वहीं जिनकी यात्रा जरूरी है, उन्हें अगली उपलब्ध उड़ान में सीट दी जाएगी। एयरलाइंस ने कहा है कि सुरक्षा सबसे पहले है, इसलिए स्थिति सामान्य होते ही उड़ानें फिर शुरू होंगी। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे आधिकारिक अपडेट देखते रहें। किसी अफवाह पर भरोसा न करें।
कब तक सामान्य हो सकती स्थिति?
फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि उड़ानें पूरी तरह कब शुरू होंगी। तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है, लेकिन रनवे लाइटिंग सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण और जटिल हिस्सा होता है। एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि जल्द से जल्द उड़ानों को बहाल करने की कोशिश की जा रही है। यात्रियों से संयम रखने की अपील की गई है। सभी एजेंसियां मिलकर स्थिति को सामान्य करने में लगी हैं।























