350वें शहीदी दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम से विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने का बड़ा ऐलान किया, जिसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा।
क्या गुरु का सपना साकार हुआ?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह विश्वविद्यालय गुरु तेग बहादुर जी की सोच और दर्शन को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि इस पवित्र शहर में बनने वाला यह संस्थान शहीदियों, विचारों और इतिहास पर गहन शोध करेगा। मान ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां यहां से प्रेरणा लेंगी और विश्व स्तर पर गुरु साहिब के संदेश को पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कदम आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की दृष्टि को भी मूर्त रूप देता है।
क्या गुरु तेग बहादुर जी लिए प्रेरणा हैं?
मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी समाजवाद और सेक्युलरिज़्म के जीवित प्रतीक थे। उन्होंने मानव अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब को हिंद दी चादर इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने किसी एक धर्म नहीं बल्कि मानवता की रक्षा की। उन्होंने लोगों से बलिदान और सच्चाई के मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी में शांति, साहस और भाईचारे का संदेश है जो सबके जीवन में अपनाया जाना चाहिए।
क्या बलिदान इतिहास में अद्वितीय है?
मान ने कहा कि गुरु साहिब की शहादत विश्व इतिहास में सबसे अनोखी है। उन्होंने बताया कि उस समय शासन अत्याचार करता था लेकिन गुरु जी कभी झुके नहीं। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता के लिए सिर दिया लेकिन सिद्धांत नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पूरे विश्व में इस संदेश को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा उदाहरण किसी अन्य इतिहास में नहीं मिलता।
क्या शहरों को मिला पवित्र दर्जा?
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पंजाब विधानसभा की विशेष बैठक इसी पावन स्थल पर बुलाई गई थी। इस सत्र में सर्वसम्मति से अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर घोषित किया गया। मान ने बताया कि इन शहरों में अब मांस, शराब, तंबाकू और नशे जैसे पदार्थों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम संगत की पुरानी मांगों को पूरा करता है।
क्या विकास के लिए फंड तैयार है?
मान ने कहा कि इन शहरों के सर्वांगीण विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास धन और साधनों की कमी नहीं है। उन्होंने संगत के लिए ई-रिक्शा, मिनी बसें और अन्य मुफ्त सार्वजनिक परिवहन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहरों की प्रगति को तेज करने के लिए तुरंत काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि होला मोहल्ला के लिए चरण गंगा स्टेडियम का भी नवीनीकरण होगा।
क्या केजरीवाल ने भावना साझा की?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह तीन दिनों से अपनी पत्नी के साथ यहां रहकर गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोग गुरु जी का संदेश जीवन में उतार लें तो दुनिया से साम्प्रदायिक तनाव खत्म हो सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हर पैसा ईमानदारी से जनता की सेवा में लगा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों तक नहर का पानी पहुंच रहा है और राज्य में 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है।
क्या कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे?
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेंगे और हर साल गुरु जी की शहादत को समर्पित आयोजन राज्य भर में होंगे। उन्होंने लोगों से मानवता और सच्चाई के मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर कई मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन सामूहिक प्रयासों का नतीजा बताया गया।























