पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब, अमृतसर और तलवंडी साबो में ई-रिक्शा और बस सेवाएं बिल्कुल मुफ्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इससे रोजाना आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और धार्मिक शहरों में यात्रा सरल होगी।
पंजाब की पवित्र धरती पर मान सरकार ने बड़ी पहल की है जिसने जनसेवा की नई मिसाल कायम की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से घोषणा की कि तीन पवित्र शहरों में मुफ्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू किया जाएगा। यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया। इससे आने वाले समय में तीर्थ यात्रियों को बिना खर्च के सफर की सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम आध्यात्मिक महत्व को सम्मान देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह सेवा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण होगी जो गुरुद्वारा साहिब में रोज माथा टेकने पहुंचते हैं। अब उन्हें किसी भी आर्थिक बोझ के बिना शहर में घूमने की सुविधा मिलेगी। मुफ्त ई-रिक्शा और मिनी बसें बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बेहद सहायक साबित होंगी। सरकार का दावा है कि तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इस फैसले को जनता ने स्वागतयोग्य बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब विधानसभा ने हाल ही में श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को “पवित्र नगर” घोषित किया है। इन शहरों में यह ट्रांसपोर्ट सेवा तत्काल प्रभाव से शुरू की जाएगी। मान ने कहा कि इसका उद्देश्य आध्यात्मिक नगरों का विकास तेज करना है। सरकार ने इस योजना को धर्म और जनहित के बीच संतुलन बताते हुए लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें नगर विकास की पूरी रूपरेखा शामिल है।
इन पवित्र शहरों में पहले से ही गुरु का लंगर, सरोवर स्नान, रहने की व्यवस्था और 24 घंटे गुरबाणी प्रसारण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब यात्रा सुविधा भी जोड़ दी गई है जिससे श्रद्धालुओं का अनुभव और सुखद होगा। सरकार का कहना है कि यह पहल सेवा, समानता और इंसानियत के मूल सिद्धांतों को मजबूत करेगी। श्रद्धालु पूरे सम्मान के साथ दर्शन कर सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से पंजाब की छवि वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरेगी। उन्होंने बताया कि शहरों के विकास के लिए फंड की कोई कमी नहीं रखी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ यात्रा सुविधा नहीं बल्कि जनभावनाओं का सम्मान है। मान ने कहा कि जो सरकार जनता की भावनाएं समझती है वही सफल होती है। इस परियोजना की मॉनिटरिंग भी विशेष टीम करेगी।
सरकार ने यह भी बताया कि यात्रियों को मेडिकल सुविधा, सामान रखने की सेवा और सुरक्षा व्यवस्था पहले जैसी जारी रहेगी। बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण में यह सेवा कारगर साबित होगी। नगर निगमों और परिवहन विभाग को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। लोगों ने इस निर्णय को धन्यवाद के साथ स्वीकारा।
मान सरकार की यह घोषणा पंजाब में आध्यात्मिक पर्यटन और सामाजिक सुविधा की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे स्थानीय रोजगार भी बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने कहा कि यह सेवा आने वाले वर्षों में और भी मजबूत की जाएगी। तीर्थ यात्रियों के लिए यह सुविधा गुरु साहिब के घर की मर्यादा के अनुरूप होगी। लोगों ने इस निर्णय को जनता केंद्रित और ऐतिहासिक बताया।























