पंजाब न्यूज. चंडीगढ़ नगर निगम की आम सभा की बैठक में मंगलवार को डॉ. बीआर अंबेडकर पर चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के पार्षद एक-दूसरे को धक्का देते हुए देखे गए। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और बैठक में अव्यवस्था फैल गई।
अमित शाह की टिप्पणी पर जयाता गया विरोध
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डॉ. अंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित करते हुए अमित शाह से तुरंत इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि डॉ. अंबेडकर जैसे महान व्यक्ति पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं, भाजपा पार्षदों ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर का सबसे बड़ा अपमान जवाहरलाल नेहरू के शासनकाल में हुआ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अतीत में अंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया और अब राजनीति के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रही है।
बैठक में नहीं सुलझा विवाद
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस लगातार बढ़ती गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। नगर निगम की कार्यवाही में बाधा आने के कारण बैठक को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। इस विवाद ने चंडीगढ़ के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
डॉ. अंबेडकर के नाम पर सियासत तेज
चर्चा के केंद्र में डॉ. बीआर अंबेडकर का नाम आने के बाद यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विभिन्न पार्टियां इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और भी गरमाने की संभावना है।

























