गणतंत्र दिवस जैसे बड़े राष्ट्रीय पर्व से पहले शिमला में एक संदिग्ध ईमेल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। यह ईमेल उपायुक्त कार्यालय की आधिकारिक मेल आईडी पर पहुंची। भेजने वाले ने अपना नाम नहीं बताया। संदेश में सीधा दावा किया गया कि यदि 26 जनवरी को मुख्यमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं तो मानव बम से हमला किया जाएगा। प्रशासन ने इस संदेश को हल्के में नहीं लिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआती जांच में इसे डर फैलाने की कोशिश माना गया। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं।
किस कार्यालय तक पहुंची धमकी भरी मेल?
यह धमकी सीधे शिमला के उपायुक्त कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजी गई। इससे मामला और गंभीर हो गया। प्रशासन को आशंका है कि ऐसा संदेश सोच-समझकर भेजा गया। ईमेल में कोई ठोस जानकारी नहीं थी। न समय बताया गया, न जगह। सिर्फ डर पैदा करने वाली भाषा का इस्तेमाल हुआ। अधिकारियों का मानना है कि उद्देश्य माहौल बिगाड़ना हो सकता है। इसी कारण इसे नजरअंदाज नहीं किया गया। तुरंत सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया गया।
पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया?
पुलिस ने इस ईमेल को अफवाह और झूठी सूचना मानते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। थाना सदर शिमला में मामला दर्ज किया गया। भारतीय दंड संहिता की धारा 351(3), 353(1)(b) और 152 लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे संदेशों का मकसद लोगों में डर फैलाना होता है। कानून ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की अनुमति देता है। जांच के दौरान सभी कानूनी पहलुओं को देखा जा रहा है। पुलिस ने साफ कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
ईमेल भेजने वाले तक कैसे पहुंचेगी पुलिस?
पुलिस के मुताबिक यह ईमेल ‘canyoutextmeback@gmail.com’ आईडी से भेजी गई थी। अब साइबर टीम सक्रिय हो चुकी है। तकनीकी जांच से यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि मेल कहां से भेजी गई। आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञ हर छोटे संकेत को खंगाल रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द संदिग्ध की पहचान हो जाएगी। अगर कोई साजिश सामने आती है तो कार्रवाई और सख्त होगी।
गणतंत्र दिवस सुरक्षा पर क्या असर पड़ा?
गणतंत्र दिवस जैसे मौके पर ऐसी धमकी को बेहद गंभीर माना जाता है। शिमला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की है। कार्यक्रम स्थल के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है। प्रवेश बिंदुओं पर अतिरिक्त जांच की जा रही है। खुफिया एजेंसियों से भी जानकारी साझा की गई है। प्रशासन किसी भी जोखिम से बचना चाहता है। आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
क्या जनता से भी अपील की गई है?
पुलिस और प्रशासन ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। कहा गया है कि अफवाहों पर भरोसा न करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों से बचें। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं। प्रशासन का कहना है कि डरने की जरूरत नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। हर सूचना की जांच की जा रही है।
आगे क्या रहेगा प्रशासन का फोकस?
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा और जांच है। गणतंत्र दिवस का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। किसी भी धमकी से व्यवस्था को पटरी से उतरने नहीं दिया जाएगा। पुलिस साइबर जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सुरक्षा बल हर स्तर पर तैयार हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि देश की एकता और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी।

























