आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। 15 सितंबर, 2025 तक बिना किसी शुल्क के ITR दाखिल किया जा सकता है। साथ ही, अगर आपको लगता है कि आयकर रिफंड मिलने में लंबा समय लगता है, तो अब समय बदल गया है। पिछले 11 सालों में टैक्स रिफंड न केवल तेज़ी से बढ़े हैं, बल्कि उन्हें प्रोसेस करने में लगने वाला समय भी काफी कम हो गया है।
वित्त वर्ष 2013-14 में आयकर विभाग ने कुल ₹83,008 करोड़ का रिफंड जारी किया था, लेकिन वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 4.77 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस प्रकार, पिछले 11 सालों में रिफंड में 474 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है।
अब रिफंड के लिए लंबा इंतज़ार नहीं!
इतना ही नहीं, जहां पहले टैक्स रिफंड मिलने में औसतन 93 दिन लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर सिर्फ 17 दिन रह गया है, यानी अब करदाताओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
आईटीआर दाखिल करने वालों की संख्या भी दोगुनी
इसके अलावा, आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने वालों की संख्या भी दोगुनी से ज्यादा हो गई है। 2013 से अब तक दाखिल किए गए आयकर रिटर्न में 133 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2013 में जहां 3.8 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे, वहीं अब 2024 में यह संख्या बढ़कर 8.89 करोड़ हो गई है। इसके अलावा, कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 2013-14 के 7.22 लाख करोड़ रुपये से 274 फीसदी बढ़कर 2024-25 में 27.03 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
कर प्रणाली में सुधार सरकारी सूत्रों का कहना है कि कर प्रणाली का डिजिटलीकरण, तेज प्रसंस्करण और बेहतर तकनीक इस सुधार के पीछे की वजह हैं। डिजिटल इंडिया और पारदर्शी कर प्रणाली ने इस पूरे बदलाव को संभव बनाया है।

























