बिज़नेस न्यूज़ : कभी स्टील मिल से जुड़े एक साधारण भारतीय लक्ष्मी मित्तल अब ₹1.5 लाख करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति के मालिक हैं। राजस्थान के सादुलपुर में जन्मे, वे एक साधारण मारवाड़ी व्यवसायी परिवार से थे। मित्तल ने 1970 के दशक में इंडोनेशिया में एक स्टील प्लांट चलाकर छोटी शुरुआत की थी। स्मार्ट डील और बोल्ड ग्लोबल टेकओवर के ज़रिए, उन्होंने आर्सेलर मित्तल का निर्माण किया – जो दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी है। उनका साम्राज्य 60 देशों में फैला हुआ है और दुनिया भर में हज़ारों लोगों को रोज़गार देता है। अपनी वैश्विक सफलता के बावजूद, वे भारतीय मूल्यों और परोपकार में निहित हैं। मित्तल की कहानी इस बात का प्रतीक है कि महत्वाकांक्षा और कड़ी मेहनत किस तरह से भाग्य को बदल सकती है।
वैश्विक मंच पर सरल शुरुआत
15 जून 1950 को राजस्थान के सादुलपुर जैसे छोटे से गांव में जन्मे लक्ष्मी निवास मित्तल ने अपने सपनों को इतनी ऊंचाई दी कि आज उनका नाम दुनिया के सबसे बड़े स्टील कारोबारियों में लिया जाता है। उन्होंने कोलकाता के सेंट ज्यूवियर कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई की और परिवार के छोटे से स्टील कारोबार को आगे बढ़ाने में हाथ बंटाना शुरू कर दिया।
1976 में लक्ष्मी मित्तल ने इंडोनेशिया में पहली स्टील फैक्ट्री शुरू की। वहां की सरकारी नीतियों और सस्ते श्रम ने उन्हें कम लागत पर उत्पादन करने का मौका दिया। यहीं से उनका अंतरराष्ट्रीय विस्तार शुरू हुआ। लक्ष्मी मित्तल की खासियत रही है- घाटे में चल रही स्टील कंपनियों को सस्ते में खरीदकर उन्हें मुनाफे में लाना। उन्होंने कजाकिस्तान, त्रिनिदाद, मैक्सिको, कनाडा और अमेरिका में ऐसी कई कंपनियों का अधिग्रहण किया।
आर्सेलर मित्तल का उदय
2006 में उन्होंने यूरोप की सबसे बड़ी स्टील कंपनी ‘आर्सेलर’ का अधिग्रहण किया, जिससे ‘आर्सेलर मित्तल’ का जन्म हुआ। “यह अधिग्रहण उस समय दुनिया में सबसे बड़ा स्टील विलय था, जिसने मित्तल को वैश्विक स्टील उद्योग में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित किया।” आज की स्थिति 2025 तक लक्ष्मी मित्तल की कुल संपत्ति करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये (करीब 18 बिलियन डॉलर) आंकी गई है। आर्सेलर मित्तल आज भी दुनिया की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी है, जिसकी फैक्ट्रियां दुनिया के कई देशों में हैं।
दुनिया में सम्मान और पहचान
लक्ष्मी मित्तल को उनके योगदान के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। वे कई बार ब्रिटेन की ‘रिच लिस्ट’ में शीर्ष पर रह चुके हैं और विश्व आर्थिक मंच सहित कई वैश्विक मंचों के सदस्य हैं। लक्ष्मी मित्तल की कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो कोई भी व्यक्ति शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श प्रेरणा है।

























