साइबर धोखाधड़ी अब सिर्फ आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि बड़ी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन के लिए भी बड़ा सिरदर्द बन गई है। साइबर जालसाज अब सिर्फ आम लोगों को ही नहीं बल्कि बड़ी वित्तीय कंपनियों के सीईओ को भी अपना शिकार बना रहे हैं। साइबर ठगों ने ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा को भी फंसाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि वे जिससे व्हाट्सएप पर बात कर रहे हैं, वह कंपनी का कोई जूनियर अधिकारी नहीं बल्कि संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा हैं।
चैट के स्क्रीनशॉट साझा किए
विजय शेखर शर्मा ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की कोशिश की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की है। जालसाज ने विजय शेखर शर्मा को मैसेज करना शुरू किया और अपना नाम विजय शेखर शर्मा बताया। धोखेबाज ने स्वयं को सीईओ बताकर सीईओ से कंपनी के फंड से संबंधित संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। शर्मा ने जालसाज के साथ एक्स पर हुई अपनी चैट के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं। जालसाज ने खुद को विजय शेखर शर्मा बताया और उनसे अपना ‘नया’ फोन नंबर सेव करने को कहा। असली और नकली शर्मा के बीच इस दिलचस्प टकराव ने जहां सोशल मीडिया पर कई लोगों को हंसाया है, वहीं इसने डिजिटल दुनिया के अंधेरे पक्ष को भी उजागर किया है।
वेतन वृद्धि का अनुरोध किया
पेटीएम संस्थापक के पोस्ट के अनुसार, जालसाज ने उनसे कंपनी के पास उपलब्ध वित्तीय स्थिति का पता लगाने और जानकारी देने को भी कहा। जालसाज ने शर्मा से पेटीएम के वित्त प्रमुख का नंबर और संपर्क विवरण भी मांगा। इतना ही नहीं, उन्होंने शर्मा से जीएसटी दस्तावेजों के रूप में एक संदिग्ध फाइल वित्त अधिकारी को भेजने को भी कहा। इस पूरे घटनाक्रम में पेटीएम के सीईओ ने अपनी असली पहचान उजागर किए बिना उनसे वेतन वृद्धि पर विचार करने का अनुरोध भी किया।

























