रणजी ट्रॉफी के इस मुकाबले में राजस्थान की टीम ने शुरुआत धीमी जरूर की, लेकिन बाद में जिस तरह बल्लेबाजों ने Delhi के खिलाफ खेल दिखाया, उसने सभी को हैरान कर दिया। दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, पर यह फैसला शुरू से ही गलत साबित होता गया। राजस्थान ने लगातार रन बनाते हुए अपनी पहली पारी को एक बड़े स्कोर की तरफ मोड़ दिया। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने से टीम पर थोड़ा दबाव आया था। लेकिन उसके बाद बल्लेबाजों ने पूरे खेल की तस्वीर ही बदल दी। राजस्थान ने यह पारी पूरी मजबूती के साथ खेलने का इरादा दिखाया।
कौन-कौन लगा गया शतक
इस पारी में राजस्थान की ओर से चार बल्लेबाजों ने शतक जड़कर मैच का रुख अपनी तरफ कर लिया। सबसे पहले सचिन यादव ने शानदार 130 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 257 गेंदें खेलीं और 17 चौके तथा दो छक्के लगाए। उनके साथ कुणाल सिंह राठौर भी जमकर खेले और 198 गेंदों पर 102 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया। दोनों के बीच लंबी साझेदारी ने दिल्ली के गेंदबाजों को थका दिया। इन्हीं दोनों की नींव पर आगे बड़े स्कोर की दिशा तय हुई। दिल्ली के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ लगातार बिगड़ती गई।
लोमरोर ने क्या कमाल किया
तीसरा शतक राजस्थान के भरोसेमंद बल्लेबाज महिपाल लोमरोर के नाम रहा जिन्होंने 229 गेंदों पर नाबाद 128 रन बनाए। उनकी पारी बेहद समझदारी और धैर्य भरी थी। उन्होंने सात चौके और चार बड़े छक्के जड़कर दिल्ली के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। लोमरोर की बल्लेबाजी से ऐसा लगा जैसे वह पिच को पूरी तरह पढ़ चुके हों। टीम के शुरुआती झटकों के बाद उनकी पारी ने पूरी टीम को स्थिरता दी। बल्लेबाजी क्रम में वह जो भूमिका निभाते हैं, यह पारी उसी का बेहतरीन उदाहरण थी। उन्होंने रन की गति भी सही बनाए रखी।
कौन था सबसे विस्फोटक
चौथा शतक राजस्थान के बल्लेबाज कार्तिक शर्मा के बल्ले से निकला जिन्होंने आठवें नंबर पर खेलते हुए 154 गेंदों में 120 रन ठोक दिए। कार्तिक की पारी इस मुकाबले की सबसे धमाकेदार पारी कही जा सकती है क्योंकि उन्होंने सिर्फ पांच चौके और पूरे नौ छक्के जड़ दिए। यह पारी दिल्ली की गेंदबाजी को तोड़ने का काम कर गई। नीचे के क्रम से इस तरह की पारी किसी भी टीम के लिए बोनस साबित होती है। कार्तिक ने हर मौके पर भरोसे के साथ शॉट लगाए। उनकी पारी के बिना Rajasthan का स्कोर इतना बड़ा नहीं होता। दिल्ली की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई।
दिल्ली कहाँ चूक गई
दिल्ली की गेंदबाजी इस पारी में बिल्कुल असरदार नहीं दिखी और कई बार गेंदबाज एक जैसी गलती दोहराते रहे। सिमरजीत सिंह ने सबसे ज्यादा तीन विकेट जरूर लिए लेकिन उन्हें भी रन बहुत खर्च करने पड़े। नवदीप सैनी ने दो विकेट चटकाए लेकिन राजस्थान के बल्लेबाजों को रोक नहीं पाए। इसके अलावा सिद्धांत शर्मा और सुमित माथुर ने एक-एक विकेट लिए। दिल्ली की फील्डिंग भी औसत रही और कुछ मौकों पर आसान रन भी दे दिए गए। गेंदबाजों की थकान पारी के बीच में ही सामने आने लगी थी। राजस्थान का आत्मविश्वास हर ओवर के साथ बढ़ गया।
स्कोर कितना बड़ा बना
राजस्थान ने 161 ओवर बल्लेबाजी कर 570 रन पर अपनी पहली पारी घोषित की, जिससे दिल्ली पर भारी दबाव बना। चार शतक किसी भी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि माने जाते हैं, और राजस्थान ने यह कमाल एक ही पारी में कर दिखाया। टीम की बल्लेबाजी संतुलित और योजनाबद्ध नजर आई। हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका निभाई और स्कोरबोर्ड लगातार आगे बढ़ता रहा। राजस्थान की रणनीति साफ थी कि पहले बड़ी पारी बनाकर मैच पर पकड़ मजबूत करनी है। यह लक्ष्य उन्होंने बखूबी पूरा किया। दिल्ली की टीम के पास इस स्कोर का जवाब देना आसान नहीं होगा।
अब मैच का रुख क्या
570 का विशाल स्कोर खड़ा होने के बाद अब मुकाबले का रुख पूरी तरह राजस्थान की तरफ झुक गया है और दिल्ली की टीम पर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बल्लेबाजों पर अब दबाव है कि वे इस विशाल स्कोर का पीछा करने की कोशिश करें। राजस्थान के गेंदबाज भी पूरे आत्मविश्वास में होंगे। मैच के शुरुआती दो दिन पूरी तरह Rajasthan के नाम रहे और उनकी बढ़त साफ नजर आई। अगर दिल्ली जल्दी विकेट गंवाती है तो मैच जल्द खत्म भी हो सकता है। राजस्थान की टीम अब जीत के बेहद करीब दिखाई देती है।

























