National New: गुजरात के सूरत शहर में उस समय सनसनी फैल गई जब 26 वर्षीय मॉडल अंजलि वरमोरा का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। नवसारी बाजार स्थित कार्तिक अपार्टमेंट में रहने वाली अंजलि ने रविवार देर रात दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
पिछली शाम बिल्कुल सामान्य थी
परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात अंजलि सामान्य रूप से परिवार के साथ समय बिता रही थी। उसने परिवार के साथ खाना खाया और देर रात तक बातें करती रही। जब परिवार के लोग उसे बाहर घुमाने ले जाना चाहते थे, तो अंजलि ने मना कर दिया और अपने कमरे में चली गई। अगली सुबह जब वह दरवाजा नहीं खोल रही थी, तो परिवार को अनहोनी का अहसास हुआ।
कोई सुसाइड नोट नहीं, लेकिन इंस्टाग्राम बना सुराग
पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट तो नहीं मिला, लेकिन अंजलि के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की अब जांच की जा रही है। अंजलि ने पिछले कुछ दिनों में अपने इंस्टाग्राम पर कई इमोशनल पोस्ट किए थे। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “तुमने मुझे ऐसा एहसास कराया कि मैं तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं हूं।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “जब आपके अपने ही आपको छोड़कर चले जाते हैं, तो दर्द हमेशा के लिए रह जाता है।” इन शब्दों से संकेत मिलता है कि अंजलि किसी गहरे मानसिक तनाव या टूटे रिश्तों से जूझ रही थी।
सगाई हो गई, लेकिन शादी स्थगित
अंजलि की सगाई दो साल पहले एक स्थानीय युवक से हुई थी। परिवार के मुताबिक, दोनों की शादी इसी साल होनी थी, लेकिन लड़के की मां की मौत के बाद इसे टाल दिया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रिश्ते में कुछ ऐसा हुआ जिससे अंजलि भावनात्मक रूप से टूट गई।
कई कोणों से जांच जारी
फिलहाल अंजलि के फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और उसके करीबियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी ने उसे मानसिक रूप से परेशान किया था या अंजलि किसी गंभीर मनोवैज्ञानिक दबाव में थी। आत्महत्या से जुड़ी सभी संभावनाओं की गहराई से जांच की जा रही है।
समाज को सोचने की जरूरत है
अंजलि वरमोरा जैसी युवा और प्रतिभाशाली लड़की की आत्महत्या ने एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम मानसिक स्वास्थ्य को कब गंभीरता से लेना शुरू करेंगे? जब कोई इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर दिल टूटने की बात कर रहा होता है, तो क्या हम वाकई सुन पाते हैं?























