जब यह सामने आया कि फिल्म रामायण का संगीत A. R. Rahman तैयार कर रहे हैं, तो कुछ लोगों ने उनके धर्म को लेकर सवाल खड़े कर दिए। पूछा गया कि एक मुस्लिम होकर रामायण जैसे हिंदू महाकाव्य पर काम करना क्या सही है। सोशल मीडिया पर बहस शुरू हुई। बात संगीत से हटकर पहचान पर आ गई। इस माहौल में रहमान ने बेहद शांत और साफ शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कला को धर्म के चश्मे से देखना सीमित सोच है। संगीत किसी एक समुदाय की बपौती नहीं होता।
रहमान ने सवालों का जवाब कैसे दिया
एआर रहमान ने कहा कि उन्होंने ब्राह्मण स्कूल में पढ़ाई की है। बचपन से ही रामायण और महाभारत से उनका गहरा परिचय रहा है। स्कूल में हर साल इन महाकाव्यों का मंचन होता था। इन कहानियों के मूल्य उनके भीतर बस गए। रहमान के मुताबिक रामायण केवल धार्मिक कथा नहीं है। यह आदर्श जीवन और चरित्र निर्माण की कहानी है। उन्होंने कहा कि अच्छी बात जहां से मिले, उसे अपनाना चाहिए। धर्म कभी सीखने में रुकावट नहीं बनता।
ज्ञान पर रहमान की सोच क्या है
रहमान ने इस्लाम का उदाहरण देते हुए ज्ञान की अहमियत समझाई। उन्होंने कहा कि इस्लाम में भी यही सिखाया जाता है कि ज्ञान अनमोल होता है। वह किसी से भी मिल सकता है। अच्छे अनुभव से भी और कठिन परिस्थितियों से भी। पैगंबर मोहम्मद की सीख का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ज्ञान को कभी ठुकराना नहीं चाहिए। इंसान को संकीर्ण सोच से ऊपर उठना चाहिए। सीख ही इंसान को बेहतर बनाती है।
रामायण को कैसे देखते हैं रहमान
रहमान के अनुसार रामायण एक सार्वभौमिक कहानी है। यह सत्य, त्याग और कर्तव्य का पाठ पढ़ाती है। इसमें एक अच्छे इंसान के गुण दिखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कहानियां हर समाज के लिए जरूरी होती हैं। संगीत का काम इन भावनाओं को और गहराई देना है। धर्म नहीं बल्कि संवेदना जरूरी है। यही सोच उन्हें इस प्रोजेक्ट से जोड़ती है।
इस प्रोजेक्ट को खास क्या बनाता
फिल्म रामायण को Nitesh Tiwari निर्देशित कर रहे हैं। इसका संगीत दो बड़े नाम मिलकर बना रहे हैं। हॉलीवुड के मशहूर कंपोजर Hans Zimmer और एआर रहमान पहली बार साथ काम कर रहे हैं। रहमान ने कहा कि यह भारत की विविधता की खूबसूरत मिसाल है। एक यहूदी, एक मुस्लिम और एक हिंदू महाकाव्य। यही भारत की असली ताकत है।
स्टारकास्ट और बजट क्यों चर्चा में
फिल्म रामायण की स्टारकास्ट बेहद मजबूत बताई जा रही है। इसमें रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, सनी देओल और अरुण गोविल जैसे नाम शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 4000 करोड़ रुपये है। यह इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल करता है। भव्य सेट और तकनीक पर खास ध्यान दिया जा रहा है। दर्शकों की उम्मीदें काफी ऊंची हैं।
रहमान का संदेश क्या है
एआर रहमान का साफ संदेश है कि कला को धर्म से बांधना गलत है। संगीत जोड़ने का काम करता है। तोड़ने का नहीं। रामायण जैसे महाकाव्य पर काम करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान विविधता में एकता है। यही भावना इस फिल्म में भी दिखेगी। 2026 की दिवाली पर रिलीज होने वाली यह फिल्म सिर्फ सिनेमा नहीं होगी। यह एक सांस्कृतिक संवाद बनेगी।

























