बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म Dhurandhar इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। रणवीर सिंह स्टारर यह स्पाई-एक्शन फिल्म 5 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुई थी और भारत समेत दुनियाभर में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा चुकी है। अब तक यह फिल्म 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। हालांकि, इतनी बड़ी सफलता के बावजूद यूएई समेत कई खाड़ी देशों में इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रोड्यूसर्स ने पीएम मोदी से क्यों मांगी मदद?
इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (Indian Motion Picture Producers Association) ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को एक पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि यूएई, बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और सऊदी अरब में ‘धुरंधर’ पर लगाया गया बैन एकतरफा और बिना किसी स्पष्ट कारण के है।
CBFC सर्टिफिकेट के बावजूद क्यों रोकी गई रिलीज़?
प्रोड्यूसर्स का तर्क है कि फिल्म को भारत में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से पूरी तरह मंजूरी मिल चुकी है। इसके बावजूद खाड़ी देशों में इसे रिलीज़ की अनुमति नहीं दी गई। IMPPA का कहना है कि यह फैसला फिल्म निर्माताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
IMPPA अध्यक्ष ने क्या कहा?
IMPPA के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने कहा कि ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो चुकी है। दुनियाभर के दर्शक इसे देखना चाहते हैं, खासकर गल्फ देशों में, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत के मित्र देशों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की पहल से यह बैन हट सकता है और जल्द ही फिल्म वहां रिलीज़ हो पाएगी।
फिल्म और इसके कंटेंट को लेकर क्या है खास?
‘धुरंधर’ एक हाई-वोल्टेज स्पाई थ्रिलर है, जिसमें Ranveer Singh मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिक्स्ड से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है। इसकी तेज़ रफ्तार कहानी और एक्शन सीक्वेंस की काफी तारीफ हो रही है। यही वजह है कि कमाई का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।
बैन से प्रोड्यूसर्स को कितना नुकसान?
गल्फ देशों को भारतीय फिल्मों का बड़ा बाज़ार माना जाता है। यहां लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो हिंदी सिनेमा के बड़े दर्शक हैं। ऐसे में ‘धुरंधर’ का वहां रिलीज़ न होना प्रोड्यूसर्स के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है। इससे पहले भी कुछ भारतीय फिल्मों को विदेशी देशों में संवेदनशील कंटेंट के चलते बैन झेलना पड़ा है।
आगे क्या उम्मीद की जा रही है?
सोशल मीडिया पर फैंस लगातार फिल्म के समर्थन में आवाज़ उठा रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि यह विवाद जल्द सुलझेगा। अब सबकी नजर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया पर टिकी है। अगर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत सफल रही, तो संभव है कि ‘धुरंधर’ जल्द ही खाड़ी देशों के सिनेमाघरों में भी दस्तक दे।

























