बालीवुड न्यूज. पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा को मानसिक रूप से परेशान करने और धोखाधड़ी के प्रयास के मामले में म्यूजिक कंपनी के प्रोड्यूसर पिंकी धालीवाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पिंकी धालीवाल को रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि यह जमानत नहीं है, लेकिन यदि गिरफ्तारी ठीक से नहीं की गई तो अदालत ने रिहाई का आदेश दिया है। धालीवाल की गिरफ्तारी के बाद सुनंदा शर्मा ने एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए पिंकी धालीवाल जैसे निर्माताओं को इंडस्ट्री का मगरमच्छ बताया।
लेकिन उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई
इस बीच, धालीवाल की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य कलाकार भी पॉलीवुड के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। पंजाबी इंडस्ट्री और बॉलीवुड एक्ट्रेस हिमाशी खुराना ने कहा है कि 2017 में जब वह काम मांगने गई थीं तो उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जिसके कारण वह काफी समय तक उदास रहीं। इसके अलावा पंजाबी गायक श्रीबराड और विक्की ने भी बड़े आरोप लगाए हैं। श्रीबराड़ ने कहा कि जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
धालीवाल के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील
इस बीच, विक्की द्वारा धालीवाल पर लगाए गए आरोप भी काफी गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि पिंकी धालीवाल की कंपनी ने उनके साथ धोखाधड़ी की और उन्हें उनके 3 करोड़ रुपये नहीं दिए। उन्होंने सीएम भगवंत मान से भी धालीवाल के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।
धालीवाल की गिरफ्तारी के बाद सुनंदा ने भावुक…
सुनंदा शर्मा ने अपनी पोस्ट की हेडिंग में लिखा, “ईंट और कुत्ते के बीच दुश्मनी।” सुनंदा शर्मा ने आगे लिखा कि यह मुद्दा किसी कॉन्ट्रैक्ट या पैसे का नहीं है, यह मुझे मानसिक रूप से बीमार बनाने का है। यह हर उस कलाकार का मुद्दा है जो सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता है। एक साधारण परिवार का कलाकार सपने देखता है और ऐसे मगरमच्छ उसे अपने जाल में फंसा लेते हैं। ऐसे लोग हमसे कड़ी मेहनत करवाते हैं और उससे अपना घर भर लेते हैं। इसके अलावा, कलाकार के साथ भिखारी जैसा व्यवहार किया जाता है। वह आगे लिखती हैं कि मैंने उन्हें रोक दिया है। हे ईश्वर, आपके द्वारा बनाए गए लोग स्वयं को आपसे श्रेष्ठ समझने लगे हैं।
मैंने आत्महत्या करने की कोशिश की-शर्मा
सुनंदा शर्मा ने आगे लिखा- मैं कमरे में अकेली बैठकर रोई थी। कई बार मैंने आत्महत्या करने की कोशिश की। लेकिन मैं लोगों के सामने हंसते हुए बाहर आता था। मैं इतनी समझदार थी कि अपना दुख किसी के सामने नहीं रोती थी। अगर मैं चिल्लाता तो दूसरा मगरमच्छ मेरे पीछे आ जाता। मुझे नहीं पता कि मेरे जैसे कितने लोग ऐसे लोगों के शिकार हुए हैं। आइये हम सब मिलकर काम करें, यह हमारा समय है, यह हमारी मेहनत है और हमें इसका फल मिलना चाहिए। यह एकजुट होने का समय है।

























