टीवी एक्टर रित्विक धनजानी ने हाल ही में बताया कि 20 साल की उम्र में वे कास्टिंग काउच के डरावने अनुभव से गुजरे थे। उस समय वे इंडस्ट्री में बिल्कुल नए थे और काम पाने की कोशिश कर रहे थे। ऑडिशन देने का उत्साह उन्हें हर जगह ले जाता था। एक दिन एक बड़े कास्टिंग डायरेक्टर ने उन्हें लाइन में खड़ा देखकर बुलाया। उसने कहा कि रित्विक को एक फिल्म के लिए शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है। रित्विक खुश हो गए और उसे धन्यवाद कहा। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है। यह खुशी धीरे-धीरे डर में बदलने वाली थी।
क्या ऑडिशन का लोभ उन्हें जाल में खींच रहा था?
कास्टिंग डायरेक्टर ने रित्विक को तुरंत अपने ऑफिस आने के लिए कहा। उसने पूछा कि रित्विक किस साधन से आए हैं और क्या उन्हें साथ चलना होगा। रित्विक को थोड़ा अजीब लगा लेकिन काम मिलने की खुशी में उन्होंने सोचा कि शायद सब ठीक होगा। वे उसके साथ ऑफिस की ओर निकल पड़े। रास्ते में वह शख्स खुद की तारीफ करता रहा। वह खुद को बड़ा कास्टिंग डायरेक्टर बताता रहा। रित्विक इसे सुनते रहे क्योंकि एक नए कलाकार के लिए यह बातें बहुत मायने रखती हैं। लेकिन उनके मन में हल्का सा डर भी आने लगा था।
क्या ऑफिस में पहुंचते ही उन्हें खतरे का अहसास हो गया?
जब वे ऑफिस पहुंचे तो पूरी बिल्डिंग खाली थी। अंदर अंधेरा था और माहौल अजीब सा लग रहा था। रित्विक को पहली बार लगा कि कुछ ठीक नहीं है। लेकिन वे फिर भी अंदर गए क्योंकि उम्मीद थी कि यह सब काम का हिस्सा होगा। कास्टिंग डायरेक्टर ने उन्हें बैठाया और काम दिखाने को कहा। रित्विक ने अपना पोर्टफोलियो और एक्टिंग क्लिप उसे दिखाए। लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने उन्हें अंदर से हिला दिया। उसी दौरान वह शख्स रित्विक के पास आया और गलत तरीके से उन्हें छूने की कोशिश की। यह पल एक्टर के लिए बेहद डरावना था।
क्या रित्विक उस पल में खुद को संभाल भी पाए?
रित्विक ने बताया कि जब वह शख्स उन्हें गलत तरीके से छूने लगा तो वे पूरी तरह से जम गए। वे बोल भी नहीं पा रहे थे। कोई आवाज नहीं निकल रही थी और शरीर सन्न हो गया था। वह यह भी नहीं समझ पा रहे थे कि वहां से कैसे निकलें। कुछ सेकंड उन्हें घंटों जैसे लगे। किसी तरह हिम्मत जुटाकर वे ऑफिस से बाहर निकल गए। बाहर निकलते ही उनकी सांस तेज हो गई और वे लगातार कांप रहे थे। यह घटना उनके मन में गहरी चोट छोड़ गई।
क्या इस हादसे ने उनका करियर तोड़ने की कोशिश की?
रित्विक सीधे अपने दोस्त के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे उस दिन पूरी तरह टूटा हुआ महसूस कर रहे थे। उन्हें लगा कि इंडस्ट्री उनके लिए नहीं है। उन्हें लगा कि अगर काम पाने के लिए ऐसी हरकतें झेलनी पड़ेंगी तो यह दुनिया ठीक नहीं है। उन्होंने गंभीरता से इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला तक कर लिया था। यह हादसा उनकी आत्मविश्वास पर बहुत गहरा असर डाल गया। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और धीरे-धीरे काम पर लौटे। इस हिम्मत ने ही उन्हें आज की पहचान दिलाई।
क्या यह घटना इंडस्ट्री के काले सच को फिर सामने लाती है?
रित्विक ने कहा कि इंडस्ट्री की चमक के पीछे कई डरावने सच छिपे होते हैं। बाहर से यह दुनिया बहुत सुंदर दिखती है, लेकिन अंदर कई नए कलाकार शोषण का सामना करते हैं। कई लोग इसी वजह से करियर शुरू होने से पहले टूट जाते हैं। रित्विक की कहानी उन सभी आवाज़ों का हिस्सा है जो बताते हैं कि यहां संघर्ष सिर्फ काम का नहीं बल्कि सुरक्षा का भी है। कास्टिंग काउच सिर्फ महिलाओं के साथ नहीं बल्कि पुरुष कलाकारों के साथ भी होता है। यह बात समाज को समझनी चाहिए।
क्या उनकी हिम्मत आज दूसरे कलाकारों को ताकत दे सकती है?
आज रित्विक धनजानी एक सफल कलाकार हैं। उन्होंने इस दर्द को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। बल्कि इसे अपनी ताकत बनाया। उनकी यह कहानी कई नए कलाकारों को सचेत करती है। यह बताती है कि हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती। हिम्मत से लिए गए फैसले ही भविष्य बनाते हैं। रित्विक का खुलासा उद्योग में बदलाव की जरूरत को भी दिखाता है। ऐसी घटनाएं रोकना सिर्फ पीड़ित की नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री की जिम्मेदारी है। और शायद एक दिन यह दुनिया सच में सुरक्षित हो सके।

























