शाहिद कपूर की फिल्म ओ रोमियो रिलीज से पहले ही विवाद में आ गई है।फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा गया है।यह नोटिस हुसैन उस्तरा की बेटी सनौबर शेख ने भेजा है।उनका कहना है कि फिल्म में उनके पिता को गलत तरीके से दिखाया गया है।इससे परिवार की छवि खराब होती है।मामला अब अदालत तक जा सकता है।फिल्म की रिलीज पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
क्या सनौबर शेख ने हर्जाना मांगा है?
सनौबर शेख ने फिल्म के निर्माताओं से दो करोड़ रुपये की मांग की है।नोटिस में कहा गया है कि यह रकम सात दिन के भीतर दी जाए।उन्होंने कहा है कि गलत चित्रण से उनके परिवार को नुकसान हुआ है।इसकी भरपाई जरूरी है।अगर पैसे नहीं दिए गए तो कानूनी कार्रवाई होगी।इससे फिल्म की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।मेकर्स पर दबाव साफ दिख रहा है।
क्या फिल्म असली किरदार पर आधारित है?
फिल्म में शाहिद कपूर हुसैन उस्तरा का किरदार निभा रहे हैं।यही बात विवाद की जड़ बन गई है।परिवार का कहना है कि कहानी असली जिंदगी से मिलती जुलती है।टीजर में भी यह झलक दिखी है।इससे लोगों में गलत धारणा बन सकती है।सनौबर शेख इसे अपमानजनक बता रही हैं।इसी वजह से कानूनी नोटिस भेजा गया है।
क्या मेकर्स ने कोई जवाब दिया है?
फिल्म के निर्माताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।उन्होंने यह साफ नहीं किया है कि फिल्म किसी असली व्यक्ति पर आधारित है या नहीं।मीडिया में तरह तरह की बातें चल रही हैं।लेकिन मेकर्स चुप हैं।कानूनी टीम इस मामले को देख रही है।फैसले का इंतजार किया जा रहा है।यह चुप्पी और सवाल खड़े कर रही है।
क्या फिल्म की रिलीज रुक सकती है?
लीगल नोटिस में फिल्म की रिलीज रोकने की मांग भी की गई है।अगर मांग नहीं मानी गई तो अदालत का रुख किया जाएगा।फिल्म 13 फरवरी को रिलीज होने वाली है।इससे पहले ही विवाद खड़ा हो गया है।सिनेमाघर भी स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।मेकर्स के लिए यह बड़ा झटका है।फिल्म का भविष्य अनिश्चित लग रहा है।
क्या विवाद से फिल्म की छवि खराब होगी?
इस कानूनी झगड़े से फिल्म की छवि को नुकसान हो सकता है।दर्शकों के मन में संदेह पैदा हो रहा है।कुछ लोग फिल्म देखने से दूरी बना सकते हैं।सोशल मीडिया पर नकारात्मक बातें चल रही हैं।यह बॉक्स ऑफिस पर असर डाल सकता है।मेकर्स को हालात संभालने होंगे।वरना नुकसान बढ़ सकता है।
क्या मेकर्स कोई रास्ता निकाल पाएंगे?
फिल्म के मेकर्स के पास कानूनी विकल्प मौजूद हैं।वे अदालत में अपना पक्ष रख सकते हैं।वे कहानी को लेकर सफाई भी दे सकते हैं।समझौता भी एक रास्ता हो सकता है।लेकिन समय बहुत कम है।सात दिन में फैसला लेना जरूरी होगा।अब देखना होगा कि यह मामला किस दिशा में जाता है।

























