एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर लंबे समय से रिलीज डेट पर कयास लगाए जा रहे थे। अब फिल्म की टीम ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि यह मेगा प्रोजेक्ट साल 2027 में ही सिनेमाघरों में आएगा। सोशल मीडिया पर जारी बयान में सीधे शब्दों में कहा गया कि फिल्म तय समय पर रिलीज होगी। इसके बाद तमाम अटकलों पर विराम लग गया। फैंस को अब इंतजार लंबा जरूर करना होगा, लेकिन तारीख को लेकर असमंजस खत्म हो चुका है।
राजामौली की फिल्मों में देरी क्यों?
एस.एस. राजामौली की फिल्मों का पैमाना हमेशा बड़ा होता है। उनकी पिछली फिल्मों को देखें तो साफ है कि वह जल्दबाजी में कोई काम नहीं करते। भव्य सेट, हाई लेवल वीएफएक्स और अंतरराष्ट्रीय तकनीक समय मांगती है। यही वजह है कि ‘वाराणसी’ को भी पूरी तैयारी के साथ बनाया जा रहा है। मेकर्स का मानना है कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा, चाहे रिलीज में समय लगे।
महेश और प्रियंका की जोड़ी खास क्यों?
इस फिल्म में पहली बार महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। यही वजह है कि फिल्म को लेकर उत्साह कई गुना बढ़ गया है। महेश बाबू साउथ के सुपरस्टार हैं, वहीं प्रियंका चोपड़ा ग्लोबल पहचान रखती हैं। दोनों की जोड़ी को पैन इंडिया ही नहीं, इंटरनेशनल स्तर पर भी खास माना जा रहा है।
फिल्म की कहानी में क्या नया है?
‘वाराणसी’ की कहानी टाइम ट्रैवल की अवधारणा पर आधारित बताई जा रही है। इसमें पौराणिकता और आधुनिक विज्ञान का अनोखा मेल दिखेगा। फिल्म का नाम ही संकेत देता है कि इसकी जड़ें भारत की प्राचीन सभ्यता से जुड़ी होंगी। खास बात यह भी है कि राजामौली ने संकेत दिया है कि महेश बाबू एक खास हिस्से में भगवान राम की भूमिका में भी नजर आ सकते हैं। यही पहलू दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा रहा है।
खलनायक के रोल में कौन?
फिल्म में मलयालम सिनेमा के दमदार अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन खलनायक की भूमिका निभाएंगे। पृथ्वीराज अपने गंभीर और मजबूत किरदारों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में राजामौली की फिल्म में उनका होना कहानी को और प्रभावशाली बना सकता है। माना जा रहा है कि उनका किरदार सिर्फ एक विलेन नहीं, बल्कि कहानी की दिशा तय करने वाला अहम हिस्सा होगा।
तकनीकी टीम पर क्यों भरोसा?
इस मेगा प्रोजेक्ट में राजामौली की भरोसेमंद टीम फिर साथ है। फिल्म की कहानी और पटकथा वी. विजयेंद्र प्रसाद ने लिखी है, जो पहले भी कई ब्लॉकबस्टर दे चुके हैं। संगीत की जिम्मेदारी एम.एम. कीरावानी के पास है, जिनका बैकग्राउंड स्कोर फिल्मों को अलग ऊंचाई देता है। प्रोडक्शन स्तर पर भी कई बड़े बैनर जुड़े हैं, जिससे फिल्म का स्केल साफ झलकता है।
2027 की रिलीज क्यों अहम?
अब जबकि रिलीज ईयर कन्फर्म हो चुकी है, 2027 भारतीय सिनेमा के लिए खास माना जा रहा है। मेकर्स त्योहारों के आसपास रिलीज की योजना बना सकते हैं, हालांकि इस पर अभी मुहर नहीं लगी है। साफ है कि ‘वाराणसी’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सिनेमाई इवेंट बनने जा रही है। राजामौली का नाम, बड़ी स्टार कास्ट और अनोखी कहानी इसे 2027 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल कर सकती है।

























