हैल्थ न्यूज. ब्रिटेन के टेल्सकॉम्ब क्लिफ्स एकेडमी में नॉरोवायरस की वजह से बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चे एक-दूसरे पर उल्टियां कर रहे थे, जिससे क्लासरूम में हालात खराब हो गए। स्थानीय अखबार द मिरर ने बताया कि इस प्रकोप के चलते स्कूल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
माता-पिता की नाराजगी
बीमार बच्चों के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। एक माता-पिता ने कहा, “स्कूल अभी तक बंद नहीं किया गया और न ही गहरी सफाई की गई है। यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।” उन्होंने मांग की है कि स्कूल को तुरंत बंद करके संक्रमण को रोकने के उपाय किए जाएं।
नॉरोवायरस: खतरनाक बीमारी
लक्षण और प्रभाव
नॉरोवायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो उल्टी और दस्त का कारण बनता है। यह दूषित भोजन, पानी, गंदगी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैल सकता है। इसे आमतौर पर “पेट फ्लू” भी कहा जाता है।
भारत में स्थिति
भारत में यह वायरस अपेक्षाकृत कम देखने को मिलता है, लेकिन 2021 में केरल के कुछ जिलों में इसके प्रकोप दर्ज किए गए थे। उस समय कई छात्र और स्कूल स्टाफ इससे प्रभावित हुए थे।
संक्रमण से बचाव के उपाय
हाथों की सफाई:
टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी हाथों को साफ करें।
भोजन की स्वच्छता:
फलों और सब्जियों को अच्छे से धोएं।
अधपका खाना न खाएं।
स्वच्छता बनाए रखें:
रसोई और खाने के बर्तनों को नियमित रूप से साफ करें।
बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखें।
नॉरोवायरस से जुड़े सबक
यूके के इस प्रकोप ने नॉरोवायरस के खतरों को उजागर किया है। जहां भारत में इसका संक्रमण कम है, वहीं सतर्कता और स्वच्छता के जरिए इसे रोकना बेहद जरूरी है। इस वायरस से बचाव के उपाय न केवल हमें बल्कि हमारी अगली पीढ़ी को भी सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।























